वसई में खुले नाले ने ली दो साल के मासूम की जान, पिता ने बचाने के लिए लगाई छलांग
वसई पूर्व के वालीव में घर के पास खुले नाले में गिरने से दो वर्षीय मासूम की मौत हो गई, जिसके बाद स्थानीय लोगों ने प्रशासन से नाले ढंकने की मांग की है।
वसई पूर्व के वालीव इलाके में बना खुला नाला, जहां गिरकर दो वर्षीय बच्चे की जान चली गई; घटना के बाद स्थानीय निवासियों ने सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं।
महाराष्ट्र के पालघर जिले के वसई पूर्व स्थित वालीव इलाके में घर के पीछे बने खुले नाले में गिरने से दो साल के मासूम अंकुश शाहदेव तुरिया की मौत हो गई। गुरुवार रात हुए इस दर्दनाक हादसे के बाद परिवार में मातम छा गया। घटना ने रिहायशी इलाकों में खुले नालों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय नागरिकों में भी इस घटना को लेकर आक्रोश है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, मृतक बच्चे की पहचान दो साल के अंकुश शाहदेव तुरिया के रूप में हुई है। उसके पिता शाहदेव तुरिया (27) रोजाना की तरह गुरुवार रात काम से घर लौटे थे। घर आने के बाद जब वे खाना खा रहे थे, तब उन्होंने अपने बेटे अंकुश को घर के बाहर खेलने के लिए जाने दिया।
रात करीब साढ़े ग्यारह बजे अचानक बाहर से शोर-शराबे की आवाजें आने लगीं। पड़ोसियों और स्थानीय लोगों ने दौड़कर शाहदेव को बताया कि उनका बेटा घर के पीछे बने खुले गंदे नाले में गिर गया है। बेटे के नाले में गिरने की खबर सुनते ही पिता घबरा गए और बिना देर किए उसे बचाने के लिए नाले में छलांग लगा दी।
शाहदेव ने अपने बच्चे को नाले से बाहर निकाल लिया, लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी। नाले का गंदा पानी बच्चे के नाक और मुंह में भर चुका था, जिससे उसकी हालत बेहद गंभीर हो गई थी। इसके बाद परिवार और स्थानीय लोग तुरंत बच्चे को लेकर नालासोपारा पूर्व के नगींदासपाड़ा स्थित महानगरपालिका के अस्पताल पहुंचे। वहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया।
महज दो साल के अंकुश की असमय मौत से उसके माता-पिता और पूरे परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। इस हृदयविदारक घटना के बाद पूरे इलाके में शोक की लहर है। वहीं, आवासीय क्षेत्रों में खुले पड़े नालों और उनकी सुरक्षा व्यवस्था को लेकर स्थानीय नागरिकों में भारी नाराजगी देखने को मिल रही है।
घटना ने एक बार फिर सवाल खड़ा कर दिया है कि रिहायशी इलाकों में खुले और असुरक्षित नालों को लेकर सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम कब किए जाएंगे। स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि ऐसे खुले नालों को तुरंत ढंका जाए और लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि किसी अन्य परिवार को इस तरह के दर्दनाक हादसे का सामना न करना पड़े।A