वसई-विरार में अवैध चिकित्सा व्यवसाय पर कार्रवाई, 7 फर्जी डॉक्टरों के खिलाफ दर्ज हुए मामले
वसई-विरार महानगरपालिका ने 13 अक्टूबर 2026 को अवैध चिकित्सा व्यवसाय के खिलाफ अभियान चलाकर सात लोगों पर कानूनी मामले दर्ज किए। नालासोपारा पूर्व और वसई पूर्व में हुई कार्रवाई के दौरान बिना वैध योग्यता इलाज करने वालों पर कार्रवाई की गई।
वसई-विरार शहर महानगरपालिका के स्वास्थ्य विभाग की टीम ने 13 अक्टूबर 2026 को नालासोपारा और वालीव क्षेत्र में अभियान चलाकर बिना वैध चिकित्सकीय योग्यता के मरीजों का इलाज करने वाले सात फर्जी डॉक्टरों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की।
वसई-विरार शहर महानगरपालिका क्षेत्र में बिना वैध चिकित्सकीय योग्यता के मरीजों का इलाज करने वाले सात कथित फर्जी डॉक्टरों के खिलाफ कानूनी मामले दर्ज किए गए हैं। महानगरपालिका के स्वास्थ्य विभाग ने 13 अक्टूबर 2026 को विशेष अभियान चलाकर नालासोपारा पूर्व के संतोषभुवन और वसई पूर्व के वालीव क्षेत्र में कार्रवाई की। इस दौरान संबंधित व्यक्ति मरीजों की जांच करने के साथ एलोपैथिक दवाएं और इंजेक्शन देते हुए पाए गए।
वसई-विरार शहर महानगरपालिका क्षेत्र में अवैध चिकित्सा व्यवसाय करने वाले लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ कार्रवाई के लिए विशेष अभियान चलाना आवश्यक था। इसी के तहत महानगरपालिका की महापौर, आयुक्त और स्वास्थ्य समिति के सभापति के मार्गदर्शन एवं निर्देशों के अनुसार अवैध चिकित्सा व्यवसायियों पर कार्रवाई के लिए महानगरपालिका के चिकित्सा अधिकारियों की कुल पांच टीमें गठित की गईं।
13 अक्टूबर 2026 को स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने अभियान के तहत सात लोगों के खिलाफ कानूनी मामले दर्ज किए। इनमें से पांच के खिलाफ नालासोपारा पूर्व के संतोषभुवन क्षेत्र में कार्रवाई की गई, जबकि दो लोगों के खिलाफ वसई पूर्व के वालीव क्षेत्र में कार्रवाई हुई।
संतोषभुवन में चिकित्सा अधिकारी डॉ. सुधीर पांढरे के नेतृत्व वाली टीम ने पांच अवैध चिकित्सा व्यवसायियों के खिलाफ कार्रवाई की। इस टीम में डॉ. विक्रम राठोड, डॉ. कृपाली फर्डे, डॉ. रिद्धी पाटील और डॉ. तृप्ती कोकाटे सहित अन्य सदस्य शामिल थे।
कार्रवाई के दौरान सुकांता उपेंद्र नायक (56) को बाळशेतपाडा, संतोषभवन, नालासोपारा पूर्व स्थित लसावीर हेल्थ केयर सेंटर में बिना वैध अनुमति चिकित्सा व्यवसाय करते हुए पाया गया। वह बी.ई.एम.एस. की डिग्री होने का दावा कर रहे थे और बिना लाइसेंस प्रैक्टिस कर रहे थे।
इसी क्षेत्र में श्रमिक नगर स्थित मेडीक्योअर पैथॉलॉजी से राकेश ब्रहमादीन उपाध्याय उर्फ वेदजी उपाध्याय (45), संतोषभवन के शॉप नंबर 31 स्थित ओम साई हेल्थ केयर क्लीनिक से अनिल रामदिन यादव (51), भक्ती धाम स्थित जीवदानी हेल्थ केयर सेंटर से दिनानाथ पंधारी यादव (52) और वैष्णवी हेल्थ केयर सेंटर से प्रदिप कुमार पटेल (45) के खिलाफ भी कार्रवाई की गई। दिनानाथ पंधारी यादव डी.ई.एच.एम. की डिग्री होने का दावा करते हुए एलोपैथिक चिकित्सा कर रहे थे।
महानगरपालिका के अनुसार, इन व्यक्तियों के पास आवश्यक कानूनी योग्यता नहीं थी। इसके बावजूद वे नागरिकों की जांच कर रहे थे और अपने पास उपलब्ध एलोपैथिक दवाएं तथा इंजेक्शन दे रहे थे।
दूसरी कार्रवाई चिकित्सा अधिकारी डॉ. जगदीश महाजन के नेतृत्व वाली टीम ने वसई पूर्व के वालीव क्षेत्र में की। यहां सिद्धिविनायक चाळ के गाळा नंबर 03 स्थित डॉ. अमन क्लिनिक में ब्रिजकिशोर रामलखन सिंग (55) और डॉ. अमन ब्रिजकिशोर सिंग के खिलाफ कार्रवाई की गई। डॉ. अमन ब्रिजकिशोर सिंग के पास महाराष्ट्र होम्योपैथी काउंसिल का पंजीकरण नहीं होने की जानकारी सामने आई।
वसई-विरार शहर महानगरपालिका ने स्पष्ट किया है कि नागरिकों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ करने वाले अवैध चिकित्सा व्यवसायियों के खिलाफ यह अभियान आगे भी जारी रहेगा। महानगरपालिका ने नागरिकों से ऐसे लोगों से सावधान रहने और अपने क्षेत्र में अवैध चिकित्सा व्यवसाय करने वाले व्यक्तियों की जानकारी प्रशासन को देने की अपील की है।
ऐसे मामलों की जानकारी वसई-विरार शहर महानगरपालिका मुख्यालय के चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग, सातवीं मंजिल, म्हाडा कॉलनी रोड, विरार पश्चिम में दी जा सकती है। महानगरपालिका ने आश्वासन दिया है कि सूचना देने वाले नागरिकों की जानकारी गोपनीय रखी जाएगी।