तस्वीर में पूर्व विधायक प्रहलाद गुंजल इटावा में युवा कांग्रेस की किसान हुंकार रैली को संबोधित करते हुए नजर आ रहे हैं, जहां बड़ी संख्या में लोग और किसान मौजूद हैं।

कोटा/इटावा में युवा कांग्रेस की ओर से आयोजित किसान हुंकार रैली को संबोधित करते हुए पूर्व विधायक प्रहलाद गुंजल ने राजस्थान सरकार पर किसानों की समस्याओं को लेकर गंभीर आरोप लगाए। गुंजल ने कहा कि राम रूठ जाए, लेकिन राज नहीं रूठना चाहिए। बरसात कम होने से किसानों ने एक फसल गंवा दी है और अब अगली फसल बोने का समय आ रहा है। हाड़ौती का किसान राजस्थान सरकार से उम्मीद लगाए बैठा है कि नहरें छोड़ दी जाएंगी तो वह फसल कर सकेगा, लेकिन दूर-दूर तक ऐसा नहीं लगता कि सरकार किसानों की चिंता में अपनी चिंता मिला रही है।

गुंजल ने कहा कि किसान की परेशानी और चिंता से सरकार का कोई सरोकार नहीं दिखाई देता। किसान फसल बोने की तैयारी में खाद खरीद रहा है। ग्राम सेवा सहकारी समितियों और खाद की दुकानों के बाहर भारत का किसान, जिसे उन्होंने देश का मालिक, भाग्य विधाता और अन्नदाता बताते हुए कहा कि वह देश को पालता है, खाद लेने के लिए लंबी लाइनों में लगा है। उन्होंने कहा कि स्थिति ऐसी है जैसे कोई मुफ्त की चीज लेने के लिए भंडारे में लाइन में लगा हो।

उन्होंने कहा कि जो किसान धरती का सीना फाड़कर पसीने की बूंदें डालकर अन्न पैदा करता है और खुद ही नहीं, पूरे राज्य को पालता है, उसे खाद और बीज के लिए लाइन में लगना पड़ रहा है। गुंजल ने आरोप लगाया कि खाद खरीदते समय धन्ना सेठ और खाद व्यापारी कहते हैं कि अटैचमेंट लोगे तो खाद मिलेगा। उन्होंने इसे राज्य सरकार और यहां के सांसद ओम बिरला के लिए चुल्लू भर पानी में डूब मरने की बात बताया।

गुंजल ने ओम बिरला, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा सहित राजस्थान सरकार पर प्रदेश में लूट-खसोट और भारी भ्रष्टाचार के आरोप लगाए। उन्होंने नगरीय निकाय चुनाव में पार्षदों को धमकाने के भी गंभीर आरोप लगाए। साथ ही केंद्र की मोदी सरकार पर किसानों, जवानों और बेरोजगारों के भविष्य से खिलवाड़ करने के आरोप लगाए।

किसान हुंकार रैली गेता रोड पावर हाउस से शुरू होकर अंबेडकर सर्किल इटावा पहुंची, जहां रैली सभा में बदल गई। सभा के बाद एसडीएम को ज्ञापन दिया गया।

रैली को पूर्व प्रधान एवं पूर्व देहात जिला अध्यक्ष सरोज मीणा, पूर्व प्रधान शिवलाल पारेता, ब्लॉक अध्यक्ष सुल्तानपुर हनुमान गुर्जर, पूर्व ब्लॉक अध्यक्ष रमेश नाग, पूर्व उप जिला प्रमुख मनोज शर्मा, युवक कांग्रेस देहात अध्यक्ष विजय प्रताप पानाहेड़ा, जिला परिषद सदस्य गिरिराज मीणा, हंसराज मीणा, संजय नंदवाना, आयोजक हरिप्रकाश मीणा डोली, पवन मीणा आड़ागेला और विशाल मीणा गंडावत ने भी संबोधित किया।

प्रदर्शन में पार्षद मनीष मीणा, भरत पारेता, मनीष महावर, निकिता पारेता सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता, ग्रामीण और किसान शामिल हुए।

गुंजल ने कहा कि जब उन्होंने कल कहा कि वह इटावा आ रहे हैं तो लोगों ने उनसे कहा कि ऐट लाइन और गेता माखीजा होकर मत आना, उन पर कृपा होगी। लोगों ने कहा कि बड़ोद होकर ढिबरी, गणेशगंज होकर आएंगे तो बिरला जी के विकास का नजरिया और राजस्थान सरकार का चेहरा दिखाई देगा।

गुंजल ने कहा कि वह ढिबरी और गणेशगंज होकर आए हैं। उन्होंने तीन बार के सांसद और दो बार के लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से सवाल करते हुए कहा कि बिरला जी, इटावा का आदमी किस तकलीफ में इटावा से सुल्तानपुर, बड़ोद और गणेशगंज जाता है? क्या इसीलिए आपको चुना है?

खाद की बिक्री में अटैचमेंट को लेकर गुंजल ने कहा कि आज किसान के सामने रोजी-रोटी का सवाल है। किसान खाद खरीदने जाए और व्यापारी अटैचमेंट दे। उन्होंने इटावा की धरती से आरोप लगाते हुए कहा कि पिछले दो साल में शुरू हुई अटैचमेंट की कहानी में खाद के बड़े व्यापारियों से लोकसभा चुनाव में करोड़ों का चंदा किसने लिया था।

गुंजल ने कहा कि लोकसभा चुनाव से पहले चंबल फर्टिलाइजर और श्रीराम फर्टिलाइजर को केंद्रीय रसायन मंत्रालय की ओर से मिलने वाली सालाना सब्सिडी लोकसभा चुनाव से दो साल पहले किसने रुकवाई और लोकसभा चुनाव में सब्सिडी जारी करवाने के नाम पर भारी चंदा वसूल गया। उन्होंने बिरला से सवाल किया कि वह चंदा कहां गया और किसने लिया।

उन्होंने कहा कि कौन वह ताकतवर व्यक्ति है, जो बड़े उद्योगों का रसायन मंत्रालय से सब्सिडी का पैसा रुकवा दे और सौदा तय होने के बाद क्षण भर में सब्सिडी का पैसा जारी हो जाए। गुंजल ने कहा कि यह उसी का परिणाम है कि आज खाद विक्रेताओं से कह दिया गया है कि खाद लेना है तो अटैचमेंट बेचना होगा।

गुंजल ने सवाल उठाया कि क्या लोकसभा चुनाव में भाजपा को दिया गया चंदा खाद कारखाने अटैचमेंट के रूप में किसानों से वसूल रहे हैं। किसान हुंकार रैली में उठाए गए इन सवालों और आरोपों के साथ किसानों की खाद, फसल और नहरों से जुड़ी समस्याएं सभा के केंद्र में रहीं।

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