तस्वीर में अकलंक कॉलेज ऑफ एजुकेशन के बाहर एनएसएस बैनर और पोस्टरों के साथ खड़े छात्र-शिक्षक।   

कोटा। नशा मुक्ति भारत अभियान के तहत अकलंक कॉलेज ऑफ एजुकेशन, कोटा की राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) इकाई की ओर से द्वितीय एकदिवसीय शिविर आयोजित किया गया। शिविर के अंतर्गत राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, बालाकुंड में NSS स्वयंसेवियों ने नशे के दुष्प्रभावों के प्रति विद्यार्थियों को जागरूक करने के उद्देश्य से प्रभावशाली लघु नाटक का मंचन किया।

अध्यक्ष पीयूष जैन व सचिव अनिमेष जैन ने बताया कि लघु नाटक के माध्यम से स्वयंसेवियों ने नशे की गिरफ्त में आने के बाद व्यक्ति के स्वास्थ्य, परिवार की खुशहाली और सामाजिक जीवन पर पड़ने वाले दुष्प्रभावों को जीवंत रूप में प्रस्तुत किया। नाटक के जरिए विद्यार्थियों को नशे से दूर रहने, स्वस्थ एवं सकारात्मक जीवनशैली अपनाने तथा नशा-मुक्त समाज के निर्माण में अपनी भूमिका निभाने का संदेश दिया गया।

कार्यक्रम के आयोजन के प्रेरणास्रोत अकलंक विद्यालय एसोसिएशन के अध्यक्ष पीयूष जैन, सचिव अनिमेष जैन एवं कोषाध्यक्ष कपिल जैन रहे। कार्यक्रम में अकलंक कॉलेज ऑफ एजुकेशन की प्राचार्य डॉ. पिंकी श्रीवास्तव, उपप्राचार्य नम्रता जैन, एनएसएस कार्यक्रम अधिकारी डॉ. योगेश शर्मा, डॉ. सोनल सहित महाविद्यालय के स्टाफ सदस्य उपस्थित रहे। वहीं राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, बालाकुंड की प्रधानाचार्या रजनी बड़जात्या सहित शिक्षकगण भी मौजूद रहे।

प्राचार्य डॉ. पिंकी श्रीवास्तव, उपप्राचार्य नम्रता जैन एवं प्रधानाचार्या रजनी बड़जात्या ने एनएसएस स्वयंसेवियों के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि युवाओं को नशे के दुष्परिणामों से अवगत कराने के लिए जागरूकता कार्यक्रम प्रभावी माध्यम हैं। लघु नाटक के माध्यम से विद्यार्थियों तक नशे से दूर रहने और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का संदेश पहुंचाया गया।

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