तस्वीर में विद्या भारती बारां के वन विहार समापन समारोह के दौरान मंच पर अतिथिगण नजर आ रहे हैं।

बारां। विद्या भारती बारां संकुल के तत्वावधान में संचालित आदर्श विद्या मंदिर एवं स्वामी विवेकानंद विद्या निकेतन विद्यालयों के आचार्य-दीदियों का एक दिवसीय प्रकृति दर्शन एवं वन विहार कार्यक्रम कोटा-रावतभाटा मार्ग स्थित गेपरनाथ महादेव मंदिर परिसर में आयोजित किया गया। कार्यक्रम में प्रकृति के सान्निध्य में बौद्धिक, सांस्कृतिक एवं रचनात्मक गतिविधियों के माध्यम से शिक्षकों के व्यक्तित्व विकास और वैचारिक चिंतन पर बल दिया गया।

कार्यक्रम संयोजक दीनदयाल नागर ने बताया कि वन विहार के दौरान भजन और कविता पाठ के साथ संत शिरोमणि रविदास के जीवन एवं विचारों पर आधारित प्रश्न मंच का आयोजन किया गया। इसके माध्यम से प्रतिभागियों ने संत रविदास के जीवन और विचारों से जुड़े विषयों पर सहभागिता की।

वन विहार कार्यक्रम का समापन समारोह शिवपुरी धाम में आयोजित हुआ। इसमें सेवानिवृत्त बैंक अधिकारी पुरुषोत्तम स्वरूप नामा मुख्य अतिथि रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता विद्या भारती बारां के जिला अध्यक्ष प्रमोद कुमार राठौर ने की। चंद्र प्रकाश सुनारिया विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। मुख्य वक्ता के रूप में विद्या भारती बारां के जिला सचिव राजेंद्र कुमार शर्मा ने संबोधित किया।

राजेंद्र कुमार शर्मा ने कहा कि प्रकृति के सान्निध्य में भी हमें अपने ध्येय और दायित्वों का चिंतन करना चाहिए। ऐसे आयोजन कार्यकर्ताओं में नई ऊर्जा, सकारात्मक दृष्टिकोण और संगठन के प्रति समर्पण का भाव जागृत करते हैं। उन्होंने आचार्य-दीदियों से आह्वान किया कि वन विहार से प्राप्त प्रेरणा को अपने कार्यक्षेत्र में उतारते हुए शिक्षा एवं संस्कारों के प्रसार के मिशन को और अधिक गति प्रदान करें।

कार्यक्रम में प्रधानाचार्य नरेश कुमार प्रजापति, रामनरेश योगी एवं माणक वैष्णव सहित 90 आचार्य-दीदियों की सहभागिता रही। प्रकृति दर्शन, सांस्कृतिक गतिविधियों और संत रविदास के जीवन एवं विचारों पर आयोजित प्रश्न मंच के माध्यम से कार्यक्रम में शिक्षकों के व्यक्तित्व विकास, वैचारिक चिंतन और संस्कारों के संवर्धन पर केंद्रित गतिविधियां हुईं।

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