एटा: पूर्व सांसद सत्या बहन ने बीजेपी पर लगाए गंभीर आरोप, 1 नवंबर के महाअभियान का किया आह्वान
सत्या बहन ने केंद्रीय जांच एजेंसियों के दुरुपयोग और ईवीएम पर सवाल उठाते हुए लोगों से 1 नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान पहुंचने की अपील की।
एटा में 1 नवंबर की रैली के समर्थन में सत्या बहन ने प्रेस वार्ता कर भाजपा पर आरोप लगाए।
एटा में पूर्व राज्यसभा सांसद और कांग्रेस की वरिष्ठ नेता सत्या बहन ने भाजपा पर लोकतंत्र को कमजोर करने, चुनाव में वोटों की कथित चोरी करने और ईडी तथा सीबीआई का दुरुपयोग कर विपक्षी नेताओं को डराने-धमकाने के आरोप लगाए। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाने की मांग को लेकर इंडिया गठबंधन के एक नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में आयोजित होने वाले महाअभियान को सफल बनाने का आह्वान किया। सत्या बहन ने एटा के लोगों, पार्टी कार्यकर्ताओं और समर्थकों से बड़ी संख्या में दिल्ली पहुंचने की अपील की।
सत्या बहन ने अपने आवास पर आयोजित प्रेस वार्ता में कहा कि इंडिया गठबंधन का महाअभियान एक नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में आयोजित होगा। उन्होंने कहा कि देश में मुद्दों की कमी नहीं है और ज्ञानेश कुमार सहित उनके आकाओं को हटाने के लिए यह महाअभियान शुरू किया जा रहा है। इसमें देशभर से बड़ी संख्या में लोग शामिल होंगे और उत्तर प्रदेश से भी लोग पहुंचेंगे। उन्होंने कहा कि विपक्ष जनता के मुद्दों को लेकर आगे बढ़ रहा है, लेकिन लोकतंत्र को खत्म किया जा रहा है और वोटों, विधायकों तथा सांसदों की चोरी हो रही है।
भाजपा पर निशाना साधते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि एक विधायक के सहारे सरकार बना ली जाती है और ईडी तथा सीबीआई का इस्तेमाल डराने-धमकाने के लिए किया जाता है। उनके अनुसार, लोकतंत्र को भ्रष्ट तंत्र में बदल दिया गया है। उन्होंने कांग्रेस नेता राहुल गांधी की भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि वह साहस के साथ विपक्ष का नेतृत्व कर रहे हैं। सत्या बहन ने कहा कि राहुल गांधी न डरते हैं, न झुकते हैं और न ही रुकते हैं।
राहुल गांधी की पदयात्रा का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि उन्होंने कश्मीर से कन्याकुमारी तक चार हजार किलोमीटर की पैदल यात्रा की। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमित शाह पर तंज कसते हुए कहा कि वे चार किलोमीटर भी पैदल चलकर दिखाएं। उनके मुताबिक, चार किलोमीटर पैदल चलने पर ही उनका पेट अंदर हो जाएगा। उन्होंने राहुल गांधी की पैदल यात्रा को उनके साहस और संघर्ष का उदाहरण बताया।
सत्या बहन ने इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि जब से मोदी जी आए हैं, तब से चुनाव हो रहे हैं, लेकिन चुनाव निष्पक्ष नहीं हो रहे। उन्होंने इसे वोटों और अधिकारों की डकैती करार देते हुए कहा कि यह उस अस्तित्व को बचाने की लड़ाई भी है, जो खतरे में है। कर्नाटक चुनाव का जिक्र करते हुए उन्होंने दावा किया कि वहां 80 प्रतिशत लोग कांग्रेस के साथ खड़े थे और सवाल उठाया कि इसके बावजूद वहां बेईमानी कैसे कर ली जाती है।
अयोध्या राम मंदिर के चंदे का मुद्दा उठाते हुए सत्या बहन ने इसे आस्था की चोरी बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि संबंधित लोगों ने बड़े-बड़े लोगों को बचाने का काम किया है। इस दौरान उन्होंने मल्लिकार्जुन खड़गे के बयान और उनके तेवर का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि जनता को भी इसी तेवर के साथ चोरों के खिलाफ खड़ा होना पड़ेगा।
संसद में विपक्ष के कमजोर होने के सवाल पर सत्या बहन ने कहा कि विपक्ष कमजोर नहीं है। उन्होंने कहा कि ईडी, सीबीआई और मुख्य चुनाव आयुक्त की नियुक्ति तथा चुनाव प्रक्रिया संविधान के मुताबिक निष्पक्ष होनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्य न्यायाधीश को हटा दिया गया और अब दो लोग सरकार के हैं, ऐसे में विपक्ष क्या करेगा। उन्होंने फिर आरोप लगाया कि ईडी और सीबीआई का दुरुपयोग कर लोगों को डराया-धमकाया जा रहा है और उन्हें कमजोर करने का प्रयास किया जा रहा है।
प्रेस वार्ता में सत्या बहन ने चुनावी निष्पक्षता, संवैधानिक संस्थाओं की भूमिका और केंद्रीय जांच एजेंसियों के कथित दुरुपयोग को लेकर भाजपा पर निशाना साधा। उन्होंने एक नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में होने वाले इंडिया गठबंधन के महाअभियान में एटा सहित उत्तर प्रदेश के लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करने का आह्वान किया।