एटा में महिला की मौत पर स्वास्थ्य विभाग का बड़ा खुलासा, डेंगू से मृत्यु की पुष्टि नहीं
मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने स्पष्ट किया कि मृतका की मौत सेप्टिक निमोनिया और कार्डियक अरेस्ट से हुई है, स्वास्थ्य टीमें क्षेत्र में सक्रिय हैं।
एटा के रसूलपुर गढ़ौली में बुखार पीड़ित महिला की मृत्यु के मामले में स्वास्थ्य विभाग ने स्पष्ट किया है कि महिला की मौत डेंगू से होने की पुष्टि नहीं हुई है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. राजेंद्र प्रसाद ने प्रकरण का तत्काल संज्ञान लेते हुए जांच कराई। जांच और उपलब्ध चिकित्सकीय अभिलेखों के परीक्षण के बाद विभाग ने महिला की मृत्यु के कारणों को लेकर स्थिति स्पष्ट की है।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी के अनुसार, मृतका श्रीमती हरिप्यारी (उम्र लगभग 55 वर्ष) के चिकित्सकीय अभिलेखों में सेप्टिक निमोनिया, शॉक, प्लूरल इफ्यूजन एवं डायबिटीज जैसी गंभीर बीमारियों का उल्लेख है। अभिलेखों के मुताबिक, 26 अक्टूबर 2026 को प्रातः 11:30 बजे हृदय गति रुकने (कार्डियक अरेस्ट) से उनकी मृत्यु हुई। स्वास्थ्य विभाग ने जांच के आधार पर स्पष्ट किया है कि उनकी मृत्यु डेंगू से होने की पुष्टि नहीं हुई है।
इस प्रकरण के बीच मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने बताया कि प्रभावित क्षेत्र में स्वास्थ्य विभाग की टीमें लगातार सक्रिय हैं। क्षेत्र में घर-घर जाकर सर्वेक्षण किया जा रहा है और स्वास्थ्य शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। बुखार से पीड़ित मरीजों की जांच के साथ मलेरिया एवं डेंगू की जांच भी कराई जा रही है। इसके अलावा, मच्छरों के लार्वा को नष्ट करने के लिए एंटी लार्वा छिड़काव कराया जा रहा है।
स्वास्थ्य विभाग के प्रयासों के तहत स्वास्थ्य, पंचायती राज एवं संबंधित विभागों के समन्वय से साफ-सफाई सुनिश्चित करने और जलभराव वाले स्थानों पर आवश्यक निरोधात्मक कार्रवाई करने का काम भी किया जा रहा है। विभाग प्रभावित क्षेत्र में बीमारियों की रोकथाम के लिए विभिन्न गतिविधियां संचालित कर रहा है।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. राजेंद्र प्रसाद ने आमजन से अपील की कि स्वास्थ्य संबंधी जानकारी साझा करते समय तथ्यों और चिकित्सकीय जांच रिपोर्ट को प्राथमिकता दें। उन्होंने कहा कि बुखार आने पर तत्काल नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर जांच एवं उपचार कराएं। साथ ही, डेंगू एवं अन्य संक्रामक रोगों से बचाव के लिए अपने आसपास साफ-सफाई बनाए रखें। स्वास्थ्य विभाग ने चिकित्सकीय अभिलेखों के आधार पर डेंगू से मृत्यु की पुष्टि नहीं होने की जानकारी देते हुए लोगों से स्वास्थ्य संबंधी मामलों में जांच रिपोर्ट के तथ्यों को महत्व देने की अपील की है।