हापुड़ में बीज विक्रेताओं पर प्रशासन का शिकंजा, 27 दुकानों पर छापेमारी और 25 सैंपल जांच को भेजे
रबी सीजन की शुरुआत में किसानों को गुणवत्तापूर्ण बीज सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन ने 25 नमूने जांच के लिए राजकीय प्रयोगशाला भेजे हैं।
कृषि विभाग के प्रशासनिक अधिकारी हापुड़ की बीज दुकान पर स्टॉक दस्तावेजों की जांच कर रहे हैं।
रबी सीजन की शुरुआत के साथ ही हापुड़ में नकली और खराब गुणवत्ता वाले बीजों की बिक्री पर अंकुश लगाने के लिए प्रशासन ने कार्रवाई तेज कर दी है। उत्तर प्रदेश सरकार के निर्देशों पर जिले में राजस्व और कृषि विभाग की संयुक्त टीमों ने मंगलवार को बीज बिक्री प्रतिष्ठानों पर छापेमारी की। इस दौरान 27 दुकानों की जांच की गई और बीजों के 25 नमूने एकत्र कर गुणवत्ता परीक्षण के लिए राजकीय प्रयोगशाला भेजे जा रहे हैं।
अपर मुख्य सचिव (कृषि), उत्तर प्रदेश शासन के निर्देशों पर पूरे प्रदेश में नकली बीज विक्रेताओं के खिलाफ व्यापक छापेमारी अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत जिलाधिकारी हापुड़ के आदेशानुसार तहसीलवार गठित प्रशासनिक टीमों ने जिले के विभिन्न बीज बिक्री प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया। कार्रवाई का उद्देश्य किसानों को नकली और खराब गुणवत्ता वाले बीजों से बचाना है।
छापेमारी के दौरान अधिकारियों ने कुल 27 बीज प्रतिष्ठानों की गहन जांच की। इस दौरान बीज अधिनियम 1966, बीज नियम 1968 और बीज (नियंत्रण) आदेश 1983 के प्रावधानों के तहत आवश्यक दस्तावेजों का सत्यापन किया गया। टीमों ने दुकानों के स्टॉक रजिस्टर, बिक्री रजिस्टर और अन्य जरूरी अभिलेखों की भी जांच की, ताकि बीजों की उपलब्धता और बिक्री से संबंधित रिकॉर्ड का सत्यापन किया जा सके।
जांच के दौरान अलग-अलग दुकानों से बीजों के 25 नमूने एकत्र किए गए। इन सभी नमूनों को गुणवत्ता परीक्षण के लिए राजकीय प्रयोगशाला भेजा जा रहा है। प्रयोगशाला की जांच रिपोर्ट से बीजों की गुणवत्ता का पता चलेगा, जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
छापेमारी के दौरान जिन बीज विक्रेताओं के अभिलेखों या स्टॉक में कमियां पाई गईं, उन्हें मौके पर ही विभाग की ओर से नोटिस जारी किए गए। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि प्रयोगशाला से जांच रिपोर्ट आने के बाद यदि किसी भी बीज की गुणवत्ता खराब पाई जाती है, तो संबंधित दुकानदार के खिलाफ नियमानुसार सख्त कानूनी और दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन ने साफ किया है कि किसानों के हितों से खिलवाड़ करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। बीजों की कालाबाजारी या बिक्री में गड़बड़ी करने वाले दोषियों के खिलाफ भी नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। रबी सीजन के दौरान बीजों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए चलाया जा रहा यह अभियान किसानों को गुणवत्तापूर्ण बीज उपलब्ध कराने और अनियमितताओं पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से महत्वपूर्ण है।