एटा: जलालपुर-अंगदपुर में स्वास्थ्य शिविर, दो मरीज डेंगू पॉजिटिव
अंगदपुर शिविर में दो मरीजों की डेंगू रिपोर्ट पॉजिटिव आने पर उन्हें सीएचसी सकीट भेजा गया, जहां उनका इलाज जारी है।
एटा के जलालपुर और अंगदपुर गांव में बुखार के मरीजों की जांच के लिए स्वास्थ्य विभाग ने विशेष शिविर आयोजित किए। 28 अक्टूबर 2026 को लगाए गए इन शिविरों में कुल 175 मरीजों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। जांच के दौरान जलालपुर में मलेरिया और डेंगू के सभी 24 नमूनों की रिपोर्ट निगेटिव मिली, जबकि अंगदपुर में दो मरीजों की रैपिड कार्ड से की गई डेंगू जांच पॉजिटिव आई। दोनों मरीजों को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी), सकीट भेजकर आवश्यक उपचार उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. राजेन्द्र प्रसाद ने जलालपुर-अंगदपुर में बुखार के प्रकोप से संबंधित प्रकाशित समाचार के संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि स्वास्थ्य विभाग ने दोनों गांवों में विशेष स्वास्थ्य शिविर लगाकर मरीजों का स्वास्थ्य परीक्षण किया। शिविरों में बुखार से पीड़ित मरीजों की जांच के साथ मलेरिया और डेंगू की जांच भी की गई।
जलालपुर में आयोजित स्वास्थ्य शिविर में कुल 89 मरीजों की ओपीडी की गई। इस दौरान 12 मरीजों के मलेरिया और 12 मरीजों के डेंगू संबंधी नमूने लिए गए। दोनों जांचों के कुल 24 नमूनों की रिपोर्ट निगेटिव प्राप्त हुई। इससे शिविर में जांच कराने वाले मरीजों में मलेरिया और डेंगू की पुष्टि नहीं हुई।
वहीं, अंगदपुर में आयोजित स्वास्थ्य शिविर में कुल 86 मरीजों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। यहां 35 मरीजों की मलेरिया और 35 मरीजों की डेंगू जांच की गई। जांच के दौरान दो मरीजों की डेंगू रिपोर्ट रैपिड कार्ड से पॉजिटिव प्राप्त हुई। इसके बाद दोनों मरीजों को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी), सकीट पर भर्ती कराकर आवश्यक उपचार उपलब्ध कराने के लिए भेजा गया।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. राजेन्द्र प्रसाद ने बताया कि जलालपुर और अंगदपुर, दोनों गांवों में स्वास्थ्य विभाग की टीमें लगातार निगरानी कर रही हैं। विभागीय टीमें मरीजों का स्वास्थ्य परीक्षण करने, आवश्यक जांच कराने और उपचार उपलब्ध कराने के साथ-साथ रोगों की रोकथाम के लिए निरोधात्मक कार्रवाई भी कर रही हैं।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, दोनों गांवों में स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और आवश्यकता के अनुसार चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। बुखार के प्रकोप के बीच स्वास्थ्य शिविरों के माध्यम से मरीजों की जांच, डेंगू की पहचान और समय पर उपचार उपलब्ध कराने पर विभाग का ध्यान केंद्रित है।