तस्वीर में साड़ी पहने एक महिला अस्पताल के वार्ड में खड़ी दिखाई दे रही है।   

सवाई माधोपुर, 24 सितम्बर। लगभग 3 माह की गर्भवती महिला भानु पत्नी पवन की हालत अत्यधिक रक्तस्राव के कारण गंभीर हो गई। गर्भस्थ शिशु की धड़कन नहीं आने की स्थिति में परिजन महिला को एक निजी अस्पताल लेकर गए थे। वहां दवा/टेबलेट दिए जाने के बाद महिला को अत्यधिक रक्तस्राव शुरू हो गया। हालत बिगड़ने पर परिजनों ने निजी अस्पताल के चिकित्सकों से संपर्क किया, जहां से महिला को तत्काल सरकारी अस्पताल ले जाने की सलाह दी गई।

गंभीर अवस्था में महिला को सरकारी अस्पताल लाया गया। अस्पताल पहुंचते ही चिकित्सकों एवं नर्सिंग स्टाफ की टीम ने तत्काल आवश्यक उपचार एवं चिकित्सकीय प्रबंधन शुरू किया। टीम ने तत्परता और आपसी समन्वय के साथ महिला को आवश्यक उपचार उपलब्ध कराया। चिकित्सकों एवं नर्सिंग स्टाफ के प्रयासों से महिला की जान बचाई गई।

महिला के परिजनों ने चिकित्सकों एवं नर्सिंग स्टाफ का आभार व्यक्त करते हुए पूरी टीम के प्रयासों की सराहना की।

प्रमुख चिकित्सा अधिकारी डॉ. तेजराम मीना ने आमजन से अस्पताल परिसर में स्वच्छता बनाए रखने के साथ चिकित्सा व्यवस्था को सुचारु रखने में सहयोग करने की अपील की। उन्होंने कहा कि चिकित्सक, नर्सिंग स्टाफ एवं अन्य कर्मचारी मरीजों की सेवा में निरंतर कार्य करते हैं। ऐसे में आमजन का सहयोगात्मक व्यवहार एवं सकारात्मक प्रोत्साहन स्टाफ और चिकित्सकों का मनोबल बढ़ाता है।

उन्होंने आमजन से अस्पताल को स्वच्छ एवं व्यवस्थित रखने तथा चिकित्सकों, नर्सिंग स्टाफ एवं कर्मचारियों के साथ सहयोग करने की अपील की। गंभीर अवस्था में पहुंची महिला को तत्काल उपचार मिलने और चिकित्सकीय टीम के समन्वित प्रयासों से उसकी जान बचाए जाने के बाद अस्पताल प्रबंधन ने आमजन से चिकित्सा व्यवस्था को बेहतर बनाए रखने में सहयोग की अपेक्षा जताई है।

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