सवाई माधोपुर: राजकीय महाविद्यालय में विधिक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित
विद्यार्थियों को पोक्सो एक्ट, जेजे एक्ट और नालसा योजनाओं की जानकारी देकर बाल अधिकारों व साइबर सुरक्षा के प्रति किया जागरूक।
तस्वीर में सवाई माधोपुर महाविद्यालय के हॉल में आयोजित विधिक जागरूकता कार्यक्रम का दृश्य।
राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण जयपुर के निर्देशानुसार जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सवाई माधोपुर की सचिव समीक्षा गौतम द्वारा गुरुवार, 24 सितम्बर को राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय सवाई माधोपुर में बच्चों के अधिकारों एवं उनके संरक्षण को लेकर विधिक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों को बच्चों के मौलिक एवं विधिक अधिकारों, दुर्व्यवहार, शोषण और उपेक्षा से सुरक्षा तथा ऐसे मामलों में उपलब्ध विधिक सहायता एवं संरक्षण तंत्र की जानकारी दी गई।
सचिव समीक्षा गौतम ने विद्यार्थियों को बताया कि प्रत्येक बच्चे को सुरक्षित एवं सम्मानजनक वातावरण में जीवन जीने का अधिकार है। बच्चों के साथ शारीरिक, मानसिक अथवा लैंगिक दुर्व्यवहार, शोषण एवं उपेक्षा उनके अधिकारों का उल्लंघन है। ऐसे किसी भी मामले की जानकारी होने पर उसे नजरअंदाज करने के बजाय संबंधित सक्षम प्राधिकारी को सूचना देना आवश्यक है।
उन्होंने बच्चों के संरक्षण से संबंधित प्रमुख कानूनी प्रावधानों की जानकारी देते हुए लैंगिक अपराधों से बच्चों का संरक्षण अधिनियम 2012, किशोर न्याय (बालकों की देखरेख और संरक्षण) अधिनियम 2015, नालसा (बच्चों को मैत्रीपूर्ण विधिक सेवाएं) योजना 2024, लीगल सर्विसेज यूनिट फॉर चिल्ड्रन एवं नालसा (मानसिक रूप से बीमार एवं बौद्धिक रूप से असक्षम व्यक्तियों को विधिक सेवाएं) योजना 2024 के बारे में विस्तार से बताया। साथ ही बच्चों के संरक्षण के लिए उपलब्ध विधिक एवं संस्थागत व्यवस्थाओं की जानकारी भी दी।
कार्यक्रम में डिप्टी एलएडीसी वीरेन्द्र कुमार वर्मा ने बताया कि जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा पात्र व्यक्तियों एवं बच्चों को निःशुल्क विधिक सलाह एवं सहायता उपलब्ध कराई जाती है। बच्चों से संबंधित मामलों में उनकी सुरक्षा, गरिमा एवं सर्वोत्तम हित को प्राथमिकता देते हुए संबंधित संस्थाओं के माध्यम से आवश्यक सहायता एवं संरक्षण उपलब्ध कराने की व्यवस्था है।
वीरेन्द्र कुमार वर्मा ने किशोर न्याय बोर्ड की कार्य प्रणाली एवं साइबर सुरक्षा के संबंध में भी बच्चों को जागरूक किया। उन्होंने विद्यार्थियों को बच्चों के प्रति संवेदनशील व्यवहार करने, किसी बच्चे के साथ होने वाले दुर्व्यवहार अथवा शोषण की जानकारी मिलने पर सक्षम प्राधिकारी को सूचित करने तथा बच्चों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करने के लिए प्रेरित किया।
इस अवसर पर महाविद्यालय के प्रिंसीपल धीरेंद्र सिंह भी उपस्थित रहे। कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों को बच्चों के अधिकारों, सुरक्षा और उपलब्ध विधिक सहायता तंत्र के प्रति जागरूक किया गया।