तस्वीर में माला पहने एक व्यक्ति समर्थकों और मीडियाकर्मियों से घिरा हुआ खड़ा है।

गंगापुर सिटी। नगर परिषद चुनाव परिणाम सामने आने के बाद सभापति पद को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। 60 वार्डों वाली नगर परिषद में किसी भी दल को स्पष्ट बहुमत नहीं मिलने से अब सभापति पद का फैसला निर्दलीय पार्षदों के रुख पर निर्भर हो गया है। कांग्रेस और भाजपा दोनों अपने पक्ष में समर्थन जुटाने के लिए निर्दलीय पार्षदों से संपर्क साधने में जुटी हैं।

कांग्रेस में वार्ड 30 से निर्वाचित कृष्ण कुमार गोयल ‘कुबेर’ का नाम सभापति पद के प्रमुख दावेदार के रूप में सामने आया है। कृष्ण कुमार गोयल बुधवार को सभापति पद के लिए नामांकन दाखिल कर सकते हैं। पार्टी में पंकज मंगल और वीरेंद्र अग्रवाल के नाम भी दावेदारों के रूप में चर्चा में हैं, लेकिन फिलहाल कृष्ण कुमार गोयल ‘कुबेर’ का नाम सबसे प्रमुखता से लिया जा रहा है।

चुनाव परिणाम में कांग्रेस ने 27 वार्डों में जीत दर्ज की है और वह सबसे बड़ी पार्टी बनकर सामने आई है। भाजपा के खाते में 17 वार्ड आए हैं, जबकि 16 निर्दलीय पार्षद निर्वाचित हुए हैं। सभापति पद के लिए बहुमत का आंकड़ा 31 पार्षदों का है। ऐसे में कांग्रेस को बहुमत के लिए 4 पार्षदों के समर्थन की आवश्यकता है, जबकि भाजपा को 14 पार्षदों का समर्थन जुटाना होगा।

कांग्रेस के पास सबसे अधिक 27 पार्षद होने के बावजूद स्पष्ट बहुमत नहीं है। ऐसे में उसकी नजर 16 निर्दलीय पार्षदों पर टिकी है। भाजपा भी निर्दलीय पार्षदों को अपने पक्ष में लाने के प्रयास में जुटी है। सभापति चुनाव में निर्दलीय पार्षदों का रुख निर्णायक भूमिका में रहने वाला है।

सभापति पद के लिए नामांकन प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। मंगलवार को कई प्रत्याशियों ने नामांकन फार्म लिए। अब बुधवार को नामांकन दाखिल होने के साथ ही सभापति पद के दावेदारों की स्थिति और स्पष्ट होने की संभावना है। इसके साथ ही पार्षदों का समर्थन जुटाने और उनके साथ संपर्क साधने का दौर भी तेज हो गया है। ऐसे में सभापति पद के लिए होने वाला चुनाव नगर परिषद में दलों की संख्या के साथ निर्दलीय पार्षदों के रुख को भी महत्वपूर्ण बना रहा है।

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