प्रो. (डॉ.) मधुमुकुल चतुर्वेदी भारतेन्दु हरिश्चन्द्र राष्ट्रभाषा हिंदी भूषण सम्मान से सम्मानित
प्रो. (डॉ.) मधुमुकुल चतुर्वेदी को राष्ट्रभाषा हिंदी और साहित्यिक सेवाओं के लिए भारतेन्दु हरिश्चन्द्र राष्ट्रभाषा हिंदी भूषण सम्मान से आगरा में अलंकृत किया गया। जानें उनके बहुआयामी योगदान के बारे में।
आगरा में हिंदी दिवस समारोह के दौरान बृजलोक साहित्य कला संस्कृति अकादमी ने प्रो. मधुमुकुल चतुर्वेदी को हिंदी एवं साहित्यिक सेवाओं के लिए सम्मानित किया।
आगरा में आयोजित हिंदी दिवस समारोह के अवसर पर प्रो. (डॉ.) मधुमुकुल चतुर्वेदी को राष्ट्रभाषा हिंदी एवं साहित्यिक सेवाओं के लिए भारतेन्दु हरिश्चन्द्र राष्ट्रभाषा हिंदी भूषण सम्मान से अलंकृत किया गया है। उत्तर प्रदेश के आगरा स्थित बृजलोक साहित्य कला संस्कृति अकादमी द्वारा आयोजित कार्यक्रम में संस्था के प्रमुख पदाधिकारियों ने उन्हें इस प्रतिष्ठित सम्मान से नवाजा। सम्मान समारोह के दौरान अकादमी के अध्यक्ष डॉ. मुकेश कुमार ऋषि, सचिव तिरवर नाथ, कोषाध्यक्ष श्रीमती रीना देवी और विधिक सलाहकार डॉ. नरेश सिहाग एडवोकेट उपस्थित रहे, जिन्होंने संयुक्त रूप से प्रो. चतुर्वेदी को यह अलंकरण प्रदान किया।
साहित्य जगत में बहुआयामी योगदान देने वाले प्रो. डॉ. मधुमुकुल चतुर्वेदी की अब तक 15 पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं। इसके साथ ही उन्होंने कई प्रतिष्ठित साहित्यिक पत्रिकाओं के संपादन का दायित्व भी सफलतापूर्वक संभाला है। विभिन्न समाचार पत्रों और साहित्यिक पत्र-पत्रिकाओं में उनकी 150 से अधिक कहानियां एवं विचारपरक आलेख प्रकाशित होकर पाठकों द्वारा सराहे जा चुके हैं। हिंदी भाषा के प्रचार-प्रसार और साहित्य सृजन में उनके इसी सतत एवं उत्कृष्ट योगदान को रेखांकित करते हुए बृजलोक साहित्य कला संस्कृति अकादमी ने उन्हें इस राष्ट्रीय स्तर के सम्मान से विभूषित किया है।