ब्यावर में मतदाता जागरूकता बैनर लिए खड़े विद्यार्थी और शिक्षक मतदान का संदेश देते हुए।

ब्यावर में लोक संस्कृति के रंगों के बीच लोकतंत्र में मतदान की अहमियत का संदेश दिया गया। सोमवार, 2 नवंबर को जिले के विद्यालयों एवं महाविद्यालयों में जिला स्वीप के तत्वावधान में मतदाता जागरूकता गतिविधियां आयोजित की गईं। ‘लोक संस्कृति के रंग, लोकतंत्र के संग’ थीम पर आयोजित कार्यक्रमों में विद्यार्थियों ने लोकगीतों, लोकनृत्यों और पारंपरिक कलाओं के माध्यम से लोगों को मतदान के प्रति जागरूक किया।

शिक्षण संस्थानों में विद्यार्थियों ने राजस्थानी लोकगीतों, पारंपरिक वेशभूषा और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के जरिए प्रदेश की समृद्ध लोक संस्कृति को प्रदर्शित किया। इन प्रस्तुतियों के माध्यम से लोकतांत्रिक व्यवस्था में मतदान के महत्व को समझाया गया। साथ ही विद्यार्थियों ने अधिकाधिक लोगों को मतदान के लिए प्रेरित करने का संकल्प लिया।

इन जागरूकता गतिविधियों का आयोजन अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी धनदान देथा के निर्देशन में किया गया। कार्यक्रमों में विद्यार्थियों ने मतदान को केवल नागरिक अधिकार ही नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक जिम्मेदारी के रूप में भी प्रस्तुत किया।

धनदान देथा ने कहा कि लोक संस्कृति आमजन तक अपनी बात पहुंचाने का सशक्त माध्यम है। जब मतदान जागरूकता को स्थानीय परंपराओं और लोककलाओं से जोड़ा जाता है, तो इसका संदेश समाज के हर वर्ग तक प्रभावी ढंग से पहुंचता है।

जिला स्वीप टीम की ओर से निर्धारित थीम के अनुरूप जिले के राजकीय एवं गैर-राजकीय विद्यालयों और महाविद्यालयों में नियमित रूप से मतदाता जागरूकता गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं। इनका उद्देश्य विद्यार्थियों और आमजन में मतदान के प्रति सकारात्मक सोच विकसित करना तथा लोकतांत्रिक प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित करना है। लोकगीतों और पारंपरिक नृत्यों के माध्यम से चलाया जा रहा यह अभियान लोक संस्कृति को मतदाता जागरूकता से जोड़कर मतदान के महत्व को जन-जन तक पहुंचाने पर केंद्रित है।

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