मुंबई: साकीनाका में खुले मॅनहोल में गिरने से एक व्यक्ति की मृत्यु

साकीनाका खैरानी रोड पर मरम्मत कार्य के दौरान सुरक्षा नियमों की अनदेखी के चलते मॅनहोल में गिरने से 45 वर्षीय व्यक्ति की जान चली गई।

Update: 2026-07-02 13:40 GMT

तस्वीर में दमकलकर्मी साकीनाका में खुले मॅनहोल के पास बचाव कार्य करते हुए दिख रहे हैं।

मुंबई की मूसलाधार बारिश के बीच साकीनाका इलाके से एक अत्यंत हृदयविदारक घटना सामने आई है, जिसने महानगर पालिका प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। साकीनाका के व्यस्त खैरानी रोड पर स्थित सन्मान होटल के समीप, मोबाइल फोन पर बातचीत में व्यस्त 45 वर्षीय अस्लम शेख का अचानक पैर फिसल गया और वे सड़क पर खुले एक गहरे मॅनहोल में समा गए। मानसून के कारण मॅनहोल के भीतर जलस्तर अधिक था और बहाव भी अत्यंत तीव्र था, जिसके चलते वे सीधे नाले के भीतर बह गए।

घटना दोपहर करीब 11 बजे की है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, अस्लम शेख फोन पर बात करने में इतने तल्लीन थे कि उन्हें सड़क पर खुले मॅनहोल का आभास ही नहीं हुआ। इस मॅनहोल की गहराई 20 से 25 फीट बताई जा रही है। बीएमसी के 'एन' वार्ड के अंतर्गत न्यू टेक इन्फ्रा कंपनी को यहां मॅनहोल के ढक्कन और जाली लगाने का अनुबंध दिया गया था, और कंपनी के कर्मचारी घटनास्थल पर मरम्मत कार्य कर रहे थे। सुरक्षा मानकों के अनुसार, कार्य के दौरान मॅनहोल के चारों ओर बैरिकेड्स और चेतावनी बोर्ड लगाना अनिवार्य था, किंतु ठेकेदार के कर्मचारियों ने इन सुरक्षा नियमों को पूरी तरह नजरअंदाज कर दिया, जिसका खामियाजा अस्लम शेख को अपनी जान देकर चुकाना पड़ा।

घटना की सूचना मिलते ही दमकल विभाग, स्थानीय पुलिस और बीएमसी की टीम मौके पर पहुंची। रेस्क्यू ऑपरेशन का नेतृत्व कर रहे दमकल अधिकारी ए.बी. सोनवणे ने बताया कि मॅनहोल के भीतर जहरीली गैसों और ऑक्सीजन की कमी के बीच बचाव कार्य करना बेहद चुनौतीपूर्ण था। करीब दो घंटे के जटिल रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद, दमकल कर्मियों ने रस्सियों और हार्नेस की मदद से अस्लम शेख को बाहर निकाला, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी और डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। मौके पर केवल मृतक की छतरी और चप्पलें बरामद हुईं।

इस दर्दनाक हादसे के बाद मुंबईकरों में प्रशासन के प्रति भारी रोष है। शिवसेना (यूबीटी) की नेता श्रद्धा जाधव और विपक्ष के नेता अखिल चित्रे ने इस घटना को व्यवस्था की घोर लापरवाही करार दिया है। स्थानीय विधायक दिलीप लांडे ने सीसीटीवी फुटेज की जांच और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। वहीं, महापौर रितू तावडे ने इस मामले को अत्यंत गंभीर बताते हुए कहा कि बिना किसी वर्क ऑर्डर के और बिना सुरक्षा मानकों के यह काम किया जा रहा था, जिसकी उच्च स्तरीय जांच के साथ-साथ दोषी अधिकारियों और ठेकेदार पर कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। महज दो दिन पूर्व चेंबूर में हुई एक अन्य दुर्घटना के बाद साकीनाका की इस घटना ने बीएमसी के सुरक्षा दावों की पोल खोलकर रख दी है।

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