मुंबई में भारी बारिश: चर्चगेट में गिरा पेड़, 24 घंटे में 99 घटनाएं
महानगर में मूसलाधार वर्षा के कारण हिंदमाता और दादर सहित कई निचले इलाकों में जलजमाव हुआ, जबकि शॉर्ट सर्किट और दीवार गिरने की घटनाएं भी सामने आईं
तस्वीर में दिख रही सड़क पर भारी बारिश के बीच एक विशाल पेड़ जड़ से उखड़कर वाहनों के ऊपर गिरा हुआ है।
मुंबई और उसके उपनगरों में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने एक बार फिर महानगर की रफ्तार थाम दी है। तेज बारिश और तेज हवाओं के बीच दक्षिण मुंबई के व्यस्त चर्चगेट इलाके में गुरुवार सुबह करीब 9:00 बजे 'बी मार्ग' पर एक विशाल पेड़ जड़ से उखड़कर सड़क पर गिर गया। हादसा इतना भीषण था कि पेड़ की चपेट में आने से वहां खड़े कई वाहनों को भारी नुकसान पहुंचा। राहत की बात यह रही कि इस दुर्घटना में कोई जनहानि नहीं हुई।
बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) के अनुसार, गिरा हुआ पेड़ एक निजी परिसर में स्थित था। घटना की सूचना मिलते ही नगर निकाय के कर्मचारी मौके पर पहुंचे और आधुनिक कटर मशीनों की सहायता से पेड़ तथा उसकी टहनियों को हटाने का कार्य शुरू किया। बचाव कार्य के दौरान बी मार्ग पर यातायात को अस्थायी रूप से रोकना पड़ा।
लगातार हो रही बारिश के बीच मुंबई में पिछले 24 घंटों के दौरान पेड़ और उनकी शाखाएं गिरने की रिकॉर्ड 99 घटनाएं दर्ज की गई हैं, जिससे प्रशासन की चिंता बढ़ गई है। बीएमसी के आपदा प्रबंधन विभाग के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, मुंबई शहर क्षेत्र में 36, पूर्वी उपनगर में 25 और पश्चिमी उपनगर में 38 स्थानों पर पेड़ गिरने की घटनाएं सामने आईं। हालांकि राहत की बात यह रही कि इन सभी घटनाओं में कोई भी नागरिक घायल नहीं हुआ।
मूसलाधार बारिश के कारण शहर में अन्य आपात घटनाओं में भी वृद्धि दर्ज की गई। बीएमसी के अनुसार, मुंबई शहर में 7, पूर्वी उपनगर में 2 और पश्चिमी उपनगर में 4 स्थानों सहित कुल 13 जगहों पर शॉर्ट सर्किट की घटनाएं हुईं। वहीं, पूर्वी और पश्चिमी उपनगरों में तीन-तीन स्थानों पर घरों तथा दीवारों के हिस्से ढहने की कुल छह घटनाएं भी दर्ज की गईं।
बारिश के साथ जलजमाव ने भी मुंबईकरों की मुश्किलें बढ़ा दीं। आधी रात से शुरू हुई तेज बारिश और उसी समय समुद्र में आई ऊंची लहरों के कारण निचले इलाकों से पानी की प्राकृतिक निकासी प्रभावित हो गई। इसके चलते हिंदमाता, सायन रोड नंबर 24, सक्कर पंचायत, वडाळा का नेशनल ओल्ड मार्केट, दादर टीटी, परेल टीटी, गोल देऊळ डीबी मार्ग, चेंबूर स्थित नूर मोहम्मद मस्जिद, फाइन आर्ट गैलरी तथा एससीएलआर ब्रिज के नीचे भारी जलभराव हो गया। सड़कों पर घुटनों तक पानी भर जाने से राहगीरों और वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
बीएमसी प्रशासन का दावा है कि स्थानीय जल निकासी पंपों और अतिरिक्त मैनपावर की सहायता से जलभराव वाले क्षेत्रों से तेजी से पानी निकाला गया, जिसके बाद धीरे-धीरे स्थिति सामान्य होने लगी। लगातार हो रही बारिश, पेड़ गिरने की बढ़ती घटनाएं और जलजमाव ने एक बार फिर मानसून के दौरान मुंबई की चुनौतियों को उजागर कर दिया है।