भाभा अस्पताल का औचक निरीक्षण, BMC का स्वास्थ्य सेवाओं को डिजिटल करने पर जोर
अतिरिक्त महानगरपालिका आयुक्त प्राजक्ता वर्मा लवंगारे ने बांद्रा स्थित भाभा अस्पताल का दौरा कर एआई और एचएमआईएस प्रणाली तेजी से लागू करने के निर्देश दिए।
तस्वीर में बाईं ओर से अतिरिक्त महानगरपालिका आयुक्त प्राजक्ता वर्मा लवंगारे (हरे रंग की साड़ी में) अन्य अधिकारियों और मेडिकल स्टाफ के साथ बांद्रा स्थित भाभा महानगरपालिका सामान्य अस्पताल के भीतर औचक निरीक्षण और उच्च स्तरीय बैठक के दौरान रिकॉर्ड की समीक्षा करती हुईं।
मुंबई के उपनगरीय अस्पतालों की स्वास्थ्य सेवाओं को अत्याधुनिक और डिजिटल बनाने की दिशा में बृहन्मुंबई महानगरपालिका ने अपनी कवायद तेज कर दी है। इसी क्रम में बीएमसी की अतिरिक्त महानगरपालिका आयुक्त प्राजक्ता वर्मा लवंगारे ने बुधवार शाम बांद्रा वेस्ट स्थित खुरशादजी बेहरामजी भाभा महानगरपालिका सामान्य अस्पताल का औचक निरीक्षण किया। उनके अचानक पहुंचे निरीक्षण से अस्पताल प्रशासन में हड़कंप मच गया।
निरीक्षण के दौरान प्राजक्ता वर्मा लवंगारे ने उपनगरीय अस्पतालों में हॉस्पिटल मैनेजमेंट इंफॉर्मेशन सिस्टम (एचएमआईएस) प्रणाली को लागू करने की प्रक्रिया में तेजी लाने के सख्त निर्देश दिए। इसके साथ ही उन्होंने चिकित्सा सेवाओं और अस्पताल के दैनिक संचालन में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) तकनीक के प्रभावी उपयोग पर भी जोर दिया।
दौरे के दौरान उन्होंने पुरुष वार्ड, महिला वार्ड, नवजात शिशु कक्ष तथा शौचालय सहित अस्पताल की बुनियादी सुविधाओं का प्रत्यक्ष निरीक्षण किया। उन्होंने कंप्यूटर आधारित एचएमआईएस प्रणाली की प्रगति, उपलब्ध दवाओं के स्टॉक, मरीजों की स्थिति तथा दी जा रही उपचार पद्धतियों की विस्तृत जानकारी ली।
निरीक्षण के दौरान अतिरिक्त आयुक्त ने मुख्य चिकित्सा अधीक्षक चंद्रकांत पवार तथा बुनियादी ढांचा प्रभाग के अधिकारियों के साथ उपनगरीय अस्पतालों के प्रदर्शन और उनकी क्षमता बढ़ाने के लिए चल रहे पुनर्विकास कार्यों की भी समीक्षा की। उन्होंने कहा कि अस्पताल में आने वाले मरीजों और स्वास्थ्य कर्मियों दोनों के लिए तकनीक-अनुकूल वातावरण तैयार करना आवश्यक है।
प्राजक्ता वर्मा लवंगारे ने स्पष्ट किया कि दैनिक उपस्थिति, मरीज पंजीकरण, स्वास्थ्य सुविधाओं की ट्रैकिंग और दवाओं की उपलब्धता की मॉनिटरिंग जैसे कार्यों में एआई तथा आधुनिक सॉफ्टवेयर के उपयोग से प्रशासनिक प्रक्रिया अधिक सरल, पारदर्शी और प्रभावी बनाई जा सकती है। इससे डॉक्टरों और अस्पताल कर्मियों के प्रदर्शन का सटीक मूल्यांकन भी संभव होगा।
उच्च स्तरीय बैठक में भाभा अस्पताल के साथ सिद्धार्थ अस्पताल, भारतरत्न डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर अस्पताल तथा गोवंडी के पंडित मदनमोहन मालवीय शताब्दी अस्पताल में संचालित स्वास्थ्य सेवाओं और पुनर्विकास कार्यों की भी समीक्षा की गई। अतिरिक्त आयुक्त ने अधिकारियों को आड़े हाथों लेते हुए निर्देश दिए कि मैनपावर की कमी तथा निर्माण कार्य में आ रही सभी बाधाओं को तत्काल दूर किया जाए और विभिन्न चरणों में चल रहे पुनर्विकास कार्य निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरे किए जाएं, ताकि मुंबईकरों को विश्वस्तरीय स्वास्थ्य सेवाएं और बेहतर उपचार उपलब्ध कराया जा सके।