बीएमसी मुख्यालय में वसंतराव नाईक जयंती पर लगा महा-रक्तदान शिविर
केसूला बंजारा सामाजिक संस्था द्वारा आयोजित इस शिविर में बीएमसी के 145 कर्मचारियों ने रक्तदान कर जनहित की मिसाल पेश की।
बई के बीएमसी मुख्यालय में आयोजित रक्तदान शिविर के दौरान मेयर रितू तावडे और अन्य उपस्थित लोग।
मुंबई के ऐतिहासिक बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) मुख्यालय में सेवा और समर्पण का एक अनूठा संगम देखने को मिला, जब महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय वसंतराव नाईक की 113वीं जयंती के अवसर पर मानवीय संवेदनाओं की एक नई मिसाल कायम की गई। 'केसूला बंजारा सामाजिक संस्था' द्वारा आयोजित इस महा-रक्तदान शिविर ने जनहित की भावना को नई ऊंचाइयों पर पहुँचाया। इस जीवन रक्षक मुहिम में मुंबई के प्रतिष्ठित सेठ गोर्धनदास सुंदरदास मेडिकल कॉलेज और किंग एडवर्ड मेमोरियल (केईएम) अस्पताल के रक्त कोष विभाग ने अपनी तकनीकी और चिकित्सीय विशेषज्ञता के साथ सक्रिय भागीदारी निभाई।
शिविर की सफलता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि बीएमसी प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों से लेकर विभिन्न विभागों के कर्मचारियों तक, कुल 145 रक्तदाताओं ने स्वेच्छा से रक्तदान कर समाज के प्रति अपने उत्तरदायित्व का निर्वहन किया। इस पुनीत अवसर की गरिमा बढ़ाने के लिए मुंबई की महापौर रितू तावडे ने स्वयं शिविर स्थल का दौरा किया। महापौर ने न केवल रक्तदाताओं के साथ आत्मीय संवाद स्थापित किया, बल्कि संकटग्रस्त लोगों की जान बचाने के इस महान कार्य के लिए उनकी मुक्त कंठ से प्रशंसा की। कार्यक्रम के दौरान महापौर ने सभी रक्तदाताओं को आधिकारिक प्रशंसा पत्र और स्मृति चिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया, जिससे वहां मौजूद कर्मचारियों और नागरिकों का मनोबल देखते ही बनता था।
केसूला बंजारा सामाजिक संस्था के पदाधिकारियों ने इस अवसर पर व्यक्त किया कि महापुरुषों की जयंती को सेवा कार्यों के माध्यम से मनाना न केवल उन्हें सच्ची श्रद्धांजलि है, बल्कि यह सरकारी अस्पतालों में रक्त की कमी जैसी गंभीर चुनौतियों को दूर करने में भी अत्यंत सहायक सिद्ध होता है। इस सफल आयोजन ने यह संदेश दिया कि जब प्रशासन और सामाजिक संस्थाएं एकजुट होती हैं, तो समाज में सकारात्मक बदलाव की राह और अधिक सुगम हो जाती है। केईएम अस्पताल की डॉक्टरों की टीम और बीएमसी के समर्पित कर्मचारियों के अथक प्रयासों से संपन्न हुआ यह शिविर आने वाले समय में अन्य सामाजिक संस्थाओं के लिए एक प्रेरणा का स्रोत बनेगा, जो निस्वार्थ सेवा और मानवीय मूल्यों की स्थापना का प्रतीक है।