मुंबई मैनहोल हादसा: बीएमसी कमिश्नर ने वार्ड कमिश्नर समेत 4 को किया सस्पेंड
साकीनाका के खैरानी रोड पर मैनहोल में गिरने से 55 वर्षीय शख्स की मौत के बाद बीएमसी ने की बड़ी कार्रवाई, पीड़ित परिवार को 10 लाख रुपये मुआवजे का ऐलान।
मुंबई के कुर्ला स्थित साकीनाका के खैरानी रोड पर खुले मैनहोल में गिरने से 55 वर्षीय असलम इसाक शेख की दर्दनाक मौत के मामले में बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) प्रशासन ने सख्त कार्रवाई की है। हादसे को अत्यंत गंभीर मानते हुए बीएमसी कमिश्नर अश्विनी भिडे ने 'एल' वार्ड के सहायक आयुक्त धनाजी हेर्लेकर सहित चार वरिष्ठ अधिकारियों और इंजीनियरों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। साथ ही सुरक्षा नियमों की अनदेखी करने वाले संबंधित ठेकेदार को ब्लैकलिस्ट करने के आदेश भी जारी किए गए हैं।
निलंबित किए गए अधिकारियों में 'एल' वार्ड के सहायक आयुक्त धनाजी हेर्लेकर, सहायक अभियंता दीपक चौगुले, कनिष्ठ अभियंता अभिजीत चौगुले तथा मलनिस्सारण विभाग के सहायक अभियंता उत्तम पाटील शामिल हैं। बीएमसी कमिश्नर ने स्पष्ट किया कि सुरक्षा संबंधी निर्देश पहले से लागू होने के बावजूद इस स्तर की लापरवाही किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है।
यह दर्दनाक हादसा गुरुवार, 2 जुलाई 2026 को दोपहर के समय उस दौरान हुआ, जब बीएमसी के सीवरेज ऑपरेशंस विभाग की ओर से मैनहोल के भीतर सुरक्षा जाली लगाने का कार्य किया जा रहा था। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार मरम्मत कार्य के दौरान संबंधित ठेकेदार ने सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम और बैरिकेडिंग नहीं की थी। इसी दौरान 55 वर्षीय असलम इसाक शेख मोबाइल पर बात करते हुए वहां से गुजर रहे थे। मौके पर मौजूद कामगारों ने उन्हें आवाज देकर रोकने का प्रयास किया, लेकिन दुर्भाग्यवश उनका संतुलन बिगड़ गया और वे सीधे गहरे मैनहोल में जा गिरे।
हादसे के बाद मुंबई फायर ब्रिगेड और बीएमसी के बचाव दल ने उन्हें बचाने के लिए हरसंभव प्रयास किए, लेकिन तेज बहाव के कारण उन्हें सुरक्षित बाहर नहीं निकाला जा सका और उनकी मौत हो गई।
इस संवेदनशील मामले में मुंबई की महापौर रितू तावडे ने पीड़ित परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए बीएमसी की ओर से 10 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है।
घटना की विस्तृत जांच और भविष्य में ऐसी दुर्घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के उद्देश्य से बीएमसी कमिश्नर अश्विनी भिडे ने अतिरिक्त महानगरपालिका आयुक्त की अध्यक्षता में उच्च स्तरीय जांच समिति का गठन किया है। समिति में सामान्य प्रशासन, परिमंडल-7 तथा बुनियादी ढांचा विभाग के उपायुक्तों को सदस्य बनाया गया है। समिति को सात दिनों के भीतर विस्तृत जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।
कमिश्नर अश्विनी भिडे ने बताया कि मार्च 2026 से लगातार आयोजित बैठकों में मुंबई के सभी मैनहोलों में सुरक्षा जाली लगाने के निर्देश दिए जा चुके थे। इसके बावजूद सामने आई लापरवाही अक्षम्य है। प्रशासन ने अब मुंबई के सभी 26 प्रशासनिक वार्डों के सहायक आयुक्तों को अगले आठ दिनों के भीतर अपने-अपने क्षेत्रों के 100 प्रतिशत मैनहोलों का निरीक्षण कर सुरक्षा सुनिश्चित करने का कड़ा अल्टीमेटम दिया है। यह कार्रवाई स्पष्ट संकेत है कि सार्वजनिक सुरक्षा से जुड़े मामलों में किसी भी स्तर की लापरवाही अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी।