दक्षिण कोरिया में गूंजी मुंबई की आवाज, अभिजीत बांगर ने बताया बाढ़ से निपटने का प्लान
दक्षिण कोरिया में मुंबई की बाढ़ प्रबंधन योजना पेश हुई। अभिजीत बांगर ने पंपिंग स्टेशन, एआई सिस्टम और स्वचालित गेट की जानकारी दी।
तस्वीर में दिख रहे अधिकारी मंच पर खड़े होकर भाषण दे रहे हैं।
मुंबई की हर साल सामने आने वाली बाढ़ की चुनौती और उससे निपटने की तैयारियों की गूंज दक्षिण कोरिया तक पहुंची। दक्षिण कोरिया के इंचॉन शहर में आयोजित 6वें अंतरराष्ट्रीय आपदा प्रबंधन सम्मेलन में बृहन्मुंबई महानगरपालिका यानी बीएमसी की ओर से अतिरिक्त महापालिका आयुक्त अभिजीत बांगर ने मुंबई के बाढ़ प्रबंधन मॉडल और भविष्य की तैयारियों को अंतरराष्ट्रीय मंच पर प्रस्तुत किया। इस सम्मेलन में दुनिया भर के 30 से भी ज्यादा देशों के प्रतिनिधि और विशेषज्ञ शामिल हुए।
सम्मेलन में अभिजीत बांगर ने दुनिया के सबसे व्यस्त और बड़े शहरों में शामिल मुंबई में हर साल आने वाली बाढ़ की चुनौती और उससे निपटने के लिए बीएमसी की तैयारियों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने मुंबई के मौसम, लगातार बढ़ते तापमान, भारी बारिश और समुद्र किनारे बसी घनी बस्तियों को शहर के सामने मौजूद बड़े खतरों के रूप में रेखांकित किया।
अभिजीत बांगर ने बताया कि बीएमसी ने राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के साथ मिलकर मुंबई को बाढ़ से सुरक्षित बनाने के लिए एक विशेष योजना तैयार की है। इसके तहत शहर में पानी निकालने वाले नए पंपिंग स्टेशन बनाए जा रहे हैं। इसके अलावा नालों और गंदे पानी की नालियों को मजबूत किया जा रहा है, जबकि समुद्र के किनारे स्वचालित गेट लगाए जा रहे हैं। इन व्यवस्थाओं का उद्देश्य भारी बारिश के दौरान पानी को तेजी से बाहर निकालना है।
उन्होंने बताया कि मुंबई में बाढ़ से बचाव के लिए आधुनिक तकनीक और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी एआई का भी सहारा लिया जा रहा है। आईआईटी बॉम्बे के सहयोग से बीएमसी ने एक ऐसा विशेष सिस्टम तैयार किया है, जो तीन दिन पहले ही बारिश का सटीक अनुमान लगा लेता है। इससे प्रशासन को भारी बारिश की स्थिति से पहले आवश्यक तैयारियां करने के लिए समय मिल जाता है।
अभिजीत बांगर ने स्पष्ट किया कि प्रकृति, इंजीनियरिंग और आधुनिक तकनीक का एक साथ इस्तेमाल करके मुंबई को बाढ़ जैसी आपदाओं से पूरी तरह सुरक्षित और मजबूत बनाया जा रहा है। दक्षिण कोरिया के अंतरराष्ट्रीय आपदा प्रबंधन सम्मेलन में मुंबई की बाढ़ प्रबंधन तैयारियों की यह प्रस्तुति शहर के आपदा प्रबंधन प्रयासों को वैश्विक मंच पर सामने लाने वाली रही।