तस्वीर में वाशी में आयोजित पर्युषण पर्व के सामायिक दिवस कार्यक्रम के दौरान साध्वी शिवमाला और अन्य गणमान्य लोग नजर आ रहे हैं।

समायिक में रमण करना ही सामायिक का सार है। इसी संदेश के साथ पर्युषण पर्व का तीसरा दिवस सामायिक दिवस के रूप में शासनश्री साध्वी शिवमाला के सानिध्य में वाशी में मनाया गया। इस अवसर पर साध्वी शिवमाला ने सामायिक के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि सामयिक का अर्थ है समता में रमण करना।

साध्वी शिवमाला ने कहा कि जो व्यक्ति समता में रमण करता है, वह सुख, शांति और समृद्धि को प्राप्त करता है। उन्होंने कहा, “58 घड़ी काम की, दो घड़ी राम की।” इस दौरान साध्वी श्री अमित रेखा जी ने अभिनव सामायिक करवाया। साध्वी श्री अर्हम प्रभा जी ने सामूहिक ध्यान का प्रयोग करवाकर सामायिक के महत्व पर प्रकाश डाला।

कार्यक्रम के अवसर पर मुंबई सभा के अध्यक्ष सुरेंद्र कोठारी ने मुंबई सभा द्वारा चलाए जाने वाले उपक्रमों के विषय में जानकारी दी। उन्होंने कार्यक्रम में उपस्थित लोगों की संख्या देखकर अत्यधिक प्रसन्नता व्यक्त की।

इस अवसर पर मुंबई सभा के निवर्तमान अध्यक्ष माणक धिंग, गौतम डांगी, रिकुं बाफना, भिक्षु महाश्रमण फाउंडेशन के अध्यक्ष कमलेश बोहरा, सभा अध्यक्ष पंकज चंडालिया, महिला मंडल अध्यक्षा स्वीटी कांठेड़, ते यु प अध्यक्ष ललित चंडालिया, ललित बोहरा, बाबुलाल समदरीया, दिनेश सुतरीया, सुशील मेड़तवाल, महेश बाफना, अर्जुन चौधरी, महेंद्र तातेड़, सुरेश बाफना, नरेश सिंघवी सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे। सामायिक दिवस पर हुए कार्यक्रम में समता, ध्यान और धर्माराधना के माध्यम से सामायिक के महत्व को रेखांकित किया गया।

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