मुंबई। मुंबई शहर के पार्कों और खेल के मैदानों की जर्जर हालत और रखरखाव के लिए फंड की कमी का मुद्दा बुधवार को हुई बीएमसी की स्थायी समिति की बैठक में जोर-शोर से उठा। बैठक में स्थायी समिति अध्यक्ष प्रभाकर शिंदे ने पार्कों के विकास के लिए जल्द ही जरूरी फंड उपलब्ध कराने का भरोसा दिया।

कांग्रेस के ग्रुप लीडर अशरफ आजमी ने सदन में सवाल उठाते हुए कहा कि बीएमसी के कई पार्कों में झूले, जॉगिंग ट्रैक और अन्य उपकरण टूटे पड़े हैं, लेकिन उनके रखरखाव के लिए गार्डन विभाग के पास पर्याप्त फंड उपलब्ध नहीं है। उन्होंने अपने इलाके के प्रियदर्शिनी इंदिरा गांधी मैदान का उदाहरण देते हुए कहा कि बार-बार मांग करने के बावजूद पार्कों के सुधार के लिए पैसे जारी नहीं किए जा रहे हैं।

बैठक के दौरान सामने आया कि मुंबई के अलग-अलग पार्कों के रखरखाव और सौंदर्यीकरण के लिए करीब 350 करोड़ रुपये के प्रस्ताव तैयार किए गए हैं, जबकि वर्तमान में केवल 40 करोड़ रुपये का फंड उपलब्ध है। फंड की इस कमी के कारण ठेकेदार निर्धारित दरों से बहुत कम दाम में टेंडर भर रहे हैं। इससे पार्कों में होने वाले काम की गुणवत्ता खराब होने की आशंका जताई जा रही है।

मामले पर स्थायी समिति के अध्यक्ष प्रभाकर शिंदे ने भरोसा दिलाया कि पार्कों के विकास के लिए जल्द ही जरूरी फंड मुहैया कराया जाएगा। उन्होंने पार्कों और खेल मैदानों के रखरखाव तथा विकास के लिए आवश्यक वित्तीय व्यवस्था किए जाने का आश्वासन दिया।

बीएमसी के अतिरिक्त आयुक्त बिपिन शर्मा ने बैठक में स्पष्ट किया कि अटल बिहारी वाजपेयी पार्क और प्रमोद महाजन उद्यान के विकास के लिए लगभग 7 करोड़ रुपये का प्रस्ताव रखा गया है। उन्होंने बताया कि इन पार्कों में फव्वारे, जॉगिंग ट्रैक, बैठने के लिए शेड और बिजली की नई व्यवस्था जैसे कई काम किए जाने हैं। इन विकास कार्यों के कारण बजट की जरूरत बढ़ गई है।

बिपिन शर्मा ने आश्वासन दिया कि सभी नियमों का पालन करते हुए जल्द ही मुंबई के पार्कों का कायाकल्प किया जाएगा। ऐसे में करीब 350 करोड़ रुपये के प्रस्तावों के मुकाबले उपलब्ध 40 करोड़ रुपये के फंड का अंतर पार्कों के रखरखाव और सौंदर्यीकरण के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ है, जिस पर स्थायी समिति की बैठक में स्पष्ट रूप से चर्चा हुई।

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