मुंबई। मुंबई में थिएटर, नाटक और सर्कस जैसी मनोरंजन की जगहों पर मनोरंजन कर बढ़ाने की योजना को रद्द कर दिया गया है। मुंबई महानगरपालिका ने शहर में मनोरंजन कर बढ़ाने का प्रस्ताव प्रशासन को भेजा था, लेकिन महायुति सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि इस कर बढ़ोतरी को लागू नहीं होने दिया जाएगा।

इस निर्णय की जानकारी देते हुए दीक्षा कारकर ने कहा कि मुंबई के आम और मध्यम वर्गीय नागरिकों पर पहले से ही पानी, कचरा और अन्य नागरिक सेवाओं के करों का भारी बोझ है। ऐसे में मनोरंजन से जुड़ी गतिविधियों पर भी कर बढ़ाया गया तो आम परिवारों के लिए परिवार के साथ बाहर जाकर फिल्म या नाटक देखना बहुत महंगा हो जाएगा।

उन्होंने कहा कि ओटीटी मंचों के बढ़ते इस्तेमाल के कारण थिएटर और नाट्यगृहों में दर्शकों की संख्या पहले से ही कम हो रही है। ऐसे समय में मनोरंजन कर बढ़ाना मनोरंजन उद्योग के लिए नुकसानदायक होगा।

दीक्षा कारकर ने कहा कि नाटक और पारंपरिक मंच हमारी संस्कृति और विरासत का अहम हिस्सा हैं। यदि टिकट महंगे हो गए तो बचे हुए दर्शक भी थिएटर जाना बंद कर देंगे। इससे हमारी सांस्कृतिक परंपरा को बड़ा नुकसान पहुंचेगा।

प्रशासन को स्पष्ट शब्दों में बता दिया गया है कि जनता के हित को ध्यान में रखते हुए मनोरंजन कर बढ़ाने के प्रस्ताव को किसी भी हालत में स्वीकार नहीं किया जाएगा। सरकार के इस रुख से मुंबई के नागरिकों और सांस्कृतिक मंचों से जुड़े कलाकारों को राहत मिली है।

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