मुंबई। देवनार बूचड़खाने में विभिन्न शुल्कों में भारी बढ़ोतरी के बीएमसी प्रशासन के प्रस्ताव को लेकर बीएमसी स्थायी समिति की बैठक में जनप्रतिनिधियों ने कड़ा विरोध दर्ज कराया। नगरसेवकों ने सवाल उठाया कि जब देवनार बूचड़खाने में बुनियादी सुविधाओं की स्थिति बेहद खराब है, तो शुल्क बढ़ाने का प्रस्ताव क्यों लाया गया है। विरोध के बाद स्थायी समिति के अध्यक्ष प्रभाकर शिंदे ने फीस बढ़ोतरी के प्रस्ताव को फिलहाल रोक दिया।

बैठक में सभी राजनीतिक दलों के नगरसेवकों ने मांग की कि फीस बढ़ाने से पहले देवनार बूचड़खाने में सफाई, पानी, बिजली और आधुनिक सुविधाओं की स्थिति की समीक्षा की जाए। नगरसेवकों ने स्पष्ट किया कि दिल्ली या अन्य शहरों में लागू दरों से तुलना करके मुंबई में शुल्क बढ़ाना उचित नहीं है।

जमीर कुरैशी, डॉ. सईदा खान, यशोधर फणसे, यशवंत किल्लेदार और अशरफ आजमी सहित कई नेताओं ने देवनार बूचड़खाने में पानी, बिजली और स्वच्छता की व्यवस्था को बेहद चिंताजनक बताया। नगरसेवकों ने शुल्क बढ़ाने से पहले वहां उपलब्ध सुविधाओं और उनकी वास्तविक स्थिति का पूरा आकलन करने की मांग रखी।

अशरफ आजमी ने आशंका जताई कि यदि बूचड़खाने का शुल्क बढ़ाया जाता है, तो बाजार में मीट के दाम बढ़ सकते हैं। इससे आम उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ने की आशंका है। इसके साथ ही अन्य नगरसेवकों ने अनाधिकृत मीट बिक्री पर रोक लगाने और स्टोरेज सिस्टम में सुधार करने की मांग भी उठाई।

स्थायी समिति की बैठक में शुल्क बढ़ोतरी के खिलाफ सर्वसम्मति से विरोध और लागत-लाभ विश्लेषण की मांग को देखते हुए अध्यक्ष प्रभाकर शिंदे ने प्रस्ताव को फिलहाल रोक दिया। उन्होंने निर्देश दिया कि जब तक बीएमसी प्रशासन देवनार बूचड़खाने की सभी सुविधाओं और वहां की वास्तविक स्थिति का पूरा ब्योरा पेश नहीं करता, तब तक फीस बढ़ोतरी का प्रस्ताव पास नहीं किया जाएगा।

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