मुंबई। मुंबई की झुग्गी-झोपड़ियों में सफाई व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए मुंबई नगर निगम यानी बीएमसी ने नई योजना लागू करने का फैसला किया है। बीएमसी ने पुरानी ‘दत्तक बस्ती योजना’ को बंद कर उसकी जगह ‘बृहन्मुंबई स्वच्छता सेवा योजना’ शुरू की है। इस नई व्यवस्था के तहत झुग्गी बस्तियों की सफाई पर हर साल करीब 136 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।

मुंबई की करीब 42 फीसदी आबादी झुग्गी बस्तियों में रहती है। तंग गलियों और घनी आबादी के कारण इन क्षेत्रों में नियमित सफाई व्यवस्था बनाए रखना लंबे समय से चुनौतीपूर्ण रहा है। नई योजना का उद्देश्य ऐसे इलाकों में सफाई व्यवस्था को व्यवस्थित और प्रभावी बनाना है, जहां नगर निगम की नियमित सफाई गाड़ियां नहीं पहुंच पाती हैं।

योजना की निगरानी के लिए आधुनिक तकनीक और जीपीएस का इस्तेमाल किया जाएगा। सफाई का काम करने वाली संस्थाओं के लिए काम शुरू करने से पहले और काम पूरा होने के बाद की फोटो मोबाइल ऐप पर अपलोड करना अनिवार्य होगा। इसके जरिए बीएमसी अधिकारी घर बैठे यह जांच सकेंगे कि संबंधित क्षेत्र में वास्तव में सफाई का काम हुआ है या नहीं।

बेहतर तरीके से काम करने वाली संस्थाओं को प्रोत्साहित करने के लिए बीएमसी हर महीने 21 हजार रुपये का इनाम भी देगी। नई योजना का मुख्य नारा ‘हमारा समुदाय, हमारा स्वाभिमान, हमारा स्वास्थ्य’ रखा गया है।

‘बृहन्मुंबई स्वच्छता सेवा योजना’ उन सभी बस्तियों में लागू की जाएगी, जहां नगर निगम की नियमित सफाई गाड़ियां नहीं पहुंच पाती हैं। योजना के तहत 150 परिवारों या 750 लोगों के समूह को एक यूनिट माना गया है।

बीएमसी की नई व्यवस्था में तकनीक आधारित निगरानी, मोबाइल ऐप के जरिए फोटो अपलोड और जीपीएस के इस्तेमाल को शामिल किया गया है। प्रशासन को उम्मीद है कि पारदर्शी निगरानी वाली इस व्यवस्था से मुंबई की झुग्गी बस्तियों में रहने वाले लाखों लोगों को गंदगी से राहत मिलेगी और बीमारियों का खतरा भी बहुत कम हो जाएगा।

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