तस्वीर में सुवि नेत्र चिकित्सालय, कोटा में आयोजित कार्यक्रम के दौरान अतिथि चिकित्सकों को स्मृति चिन्ह भेंट करते हुए नजर आ रहे हैं।

कोटा। राष्ट्रीय नेत्रदान पखवाड़े के तहत चलाए गए जागरूकता अभियान का समापन सुवि नेत्र चिकित्सालय के कॉन्फ्रेंस हॉल में हुआ। समापन अवसर पर चिकित्सकों, करीब 70 स्टाफ सदस्यों और रोगियों के परिजनों ने नेत्रदान का संकल्प लेकर समाज को जागरूकता का संदेश दिया।

कार्यक्रम में आई बैंक सोसायटी, कोटा चैप्टर के अध्यक्ष डॉ. के.के. कंजोलिया सहित पदाधिकारी, चिकित्सक और समाजसेवी मौजूद रहे। नेत्रदान की मुहिम को आगे बढ़ाने के लिए आई बैंक सोसायटी की ओर से सुवि नेत्र चिकित्सालय के निदेशक एवं वरिष्ठ नेत्र सर्जन डॉ. सुरेश पाण्डेय और डॉ. विदुषी शर्मा का सम्मान किया गया।

डॉ. के.के. कंजोलिया और डॉ. सुरेश पाण्डेय ने कहा कि नेत्रदान मानव सेवा का ऐसा संकल्प है, जिससे मृत्यु के बाद भी किसी जरूरतमंद के जीवन में रोशनी लाई जा सकती है। इस दौरान चिकित्सकों ने कॉर्निया प्रत्यारोपण, नेत्रदान की प्रक्रिया और इसकी समय-सीमा के साथ परिवार की सहमति से जुड़े पहलुओं की जानकारी दी। उन्होंने समाज में नेत्रदान को लेकर व्याप्त भ्रांतियों को दूर करने पर भी जोर दिया।

समाजसेवी संदीप चांदीवाला और अपना घर आश्रम के सतीश गुप्ता ने नेत्रदान को सेवा और परोपकार का महत्वपूर्ण माध्यम बताया। समारोह में युवाओं और परिवारों से नेत्रदान के विषय पर खुलकर संवाद करने का आह्वान किया गया। साथ ही जागरूकता अभियान को पूरे वर्ष जारी रखने पर जोर दिया गया।

राष्ट्रीय नेत्रदान पखवाड़े के समापन पर चिकित्सकों, स्टाफ और रोगियों के परिजनों का नेत्रदान का संकल्प इस अभियान के संदेश को आगे बढ़ाने वाला रहा। कार्यक्रम में नेत्रदान से जुड़े पहलुओं की जानकारी देने के साथ समाज में जागरूकता और संवाद लगातार जारी रखने का आह्वान किया गया।

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