झालावाड़: अनंत चतुर्दशी शोभायात्रा की तैयारियों को लेकर बैठक, नया तालाब में चलेगा सफाई अभियान
अग्रवाल सेवा सदन में गणेश समितियों की बैठक आयोजित हुई; नया तालाब की सफाई के लिए कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा गया और 20 सितंबर को श्रमदान का निर्णय लिया गया।
झालावाड़ के एक भवन में फर्श पर बैठकर बैठक में भाग लेते लोग।
झालावाड़ में अनंत चतुर्दशी पर आयोजित होने वाली विशाल भव्य शोभायात्रा की तैयारियों को लेकर 19 सितम्बर को अग्रवाल सेवा सदन में बैठक आयोजित हुई। बैठक का शुभारंभ पीपाधाम पीठ संत श्री दास त्यागी जी महाराज के आशीर्वचन से हुआ।
बैठक में शहर के अलग-अलग गणेश पंडालों और समितियों के प्रमुख कार्यकर्ता शामिल हुए। उन्होंने शोभायात्रा को भव्य बनाने के लिए अपने विचार सभी के समक्ष रखे। शोभायात्रा में अधिक से अधिक जनमानस की भागीदारी सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया। सभी गणेश मंडलों ने हर घर से संपर्क कर गणपति विसर्जन शोभायात्रा में भाग लेने की सहमति दी।
बैठक में उपस्थित लोगों ने विसर्जन स्थल नया तालाब में हो रही गंदगी का मुद्दा प्रमुखता से उठाया। साथ ही शहर के अन्य दूषित हो रहे जलाशयों को लेकर भी चिंता व्यक्त की गई। गणेश पंडाल समितियों ने नया तालाब की सफाई को लेकर हिंदू महोत्सव आयोजन समिति के साथ जिला कलेक्टर को ज्ञापन दिया और प्रशासन से नया तालाब की सफाई की मांग की।
इसके साथ ही सभी गणेश पंडाल समितियों ने जनसहयोग से शहर में चल रहे सफाई अभियान में विद्यार्थी पर्यावरण मित्रों के साथ मिलकर रविवार 20 सितंबर को सुबह 8 बजे नया तालाब पर सफाई अभियान पहल रखने की सहमति दी। अधिक से अधिक लोगों से इस सफाई और स्वच्छता अभियान से जुड़ने की भी अपील की गई।
बैठक में गढ़ गणपति सेवा समिति (गढ़ के राजा), दादा गणेश समिति, श्री शीतला क्लब, श्री सिद्धी विनायक सेवा समिति, गुरु गणपति कहार सेवा समिति धनवाड़ा, श्री गणनायक नवयुवक मंडल तोपखाना, श्री बड़ गणपति समिति, गोदाम की तलाई मित्र मण्डल, श्री इच्छापूर्ण हनुमान मंदिर व्यायामशाला, रिद्धि सिद्धी विनायक मंडल, श्री शनि देव मंदिर गणपति समिति व अन्य गणपति मण्डल समितियों के प्रमुख सदस्य उपस्थित रहे।
सभी गणपति मंडल कार्यकर्ताओं को हिंदू महोत्सव आयोजन समिति का अहम हिस्सा बताया गया और आयोजन में सभी की भागीदारी को अति आवश्यक बताते हुए कंधे से कंधा मिलाकर एक साथ चलने का आह्वान किया गया।
हिंदू आयोजन समिति द्वारा 23 सितंबर को अगली बड़ी बैठक आयोजित करने का निर्णय लिया गया। इसमें झालावाड़ शहर की सभी गणपति समितियों, धार्मिक-सामाजिक संगठनों, वरिष्ठजनों और मातृशक्ति से उपस्थित होने का आग्रह किया गया, ताकि अनंत चतुर्दशी की शोभायात्रा को भव्य रूप प्रदान किया जा सके।