तस्वीर में झालरापाटन के ब्लड बैंक में एक महिला कुर्सी पर लेटी हुई रक्तदान करती हुई नजर आ रही हैं।

झालरापाटन में रक्षाबंधन से पहले इंसानियत और मानवता की अनूठी मिसाल सामने आई। 12 वर्षीय मासूम बच्चे को रक्त की जरूरत पड़ने पर एक महिला ने रक्तदान कर अनजान भाई की जान बचाने में मदद की। “राखी का धागा हो या रक्त का रिश्ता, जो मुश्किल वक्त में साथ खड़ा हो वही सच्चा।”

भवानी मंडी निवासी 12 वर्षीय बालक की प्लेटलेट कम होने के चलते प्लेटलेट डोनर की जरूरत थी। इसकी सूचना टीम मंजूश्री स्नेह संस्थान के अजय मोमिया को मिली। इसके बाद उन्होंने झालरापाटन निवासी योगिता कुमावत से संपर्क किया। योगिता ने रक्तदान के लिए तुरंत हां कर दी और भारी बारिश के बीच ब्लड बैंक के लिए निकल पड़ीं।

रक्षाबंधन के त्योहार की तैयारियों में व्यस्त होने के बावजूद योगिता महज 10 मिनट में ब्लड बैंक पहुंचीं। इसके बाद उन्होंने मेहंदी लगे हाथों से रक्तदान किया। उनके इस कदम ने रक्षाबंधन के पर्व की भावना को और सार्थक कर दिया।

रक्तदान करने वाली अनजान बहन ने साबित किया कि रक्त का रिश्ता केवल परिवार तक सीमित नहीं होता, बल्कि इंसानियत से भी बनता है। योगिता ने बताया कि रक्षाबंधन पर किसी भी भाई की कलाई सुनी नहीं रहे, यही सबसे बड़ी खुशी है।

रक्तदान के इस नेक कार्य की लोगों ने सराहना की। लोगों ने कहा कि जरूरतमंद मरीजों के लिए समय पर किया गया रक्तदान किसी के लिए जीवनदान साबित हो सकता है।

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