चित्तौड़गढ़: पंचायती राज चुनाव के लिए आरक्षण लॉटरी जारी, समीकरण बदले
जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्यों के पदों का आरक्षण तय होने के बाद ग्राम पंचायत सरपंच पद के लिए लॉटरी प्रक्रिया शुरू।
चित्तौड़गढ़ जिला परिषद सभागार में अधिकारियों की मौजूदगी में आरक्षण लॉटरी की पर्चियां निकालते बच्चे।
चित्तौड़गढ़। जिले में आगामी त्रिस्तरीय पंचायती राज चुनावों को लेकर लंबे समय से चल रही प्रतीक्षा बुधवार को जिला परिषद सदस्यों, पंचायत समिति सदस्यों तथा पंचायत समिति प्रधान पदों के आरक्षण की लॉटरी के साथ समाप्त हो गई। जिला प्रशासन की देखरेख में हुई इस प्रक्रिया के बाद पंचायत चुनावों के लिए आरक्षण की स्थिति काफी हद तक स्पष्ट हो गई है। पारदर्शी व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए जिला कलेक्टर डॉ. मंजू चौधरी, अतिरिक्त कलेक्टर दिनेश धाकड़ और राजलक्ष्मी गहलोत की मौजूदगी में बच्चों के हाथों से पर्चियां निकलवाकर लॉटरी की कार्रवाई पूरी कराई गई।
जिला प्रमुख पद का आरक्षण पहले ही तय हो चुका है। जिला प्रमुख पद के लिए आरक्षण का निर्धारण 13 अगस्त को जयपुर स्तर पर लॉटरी के जरिए किया गया था। इसमें जिला प्रमुख का पद अनारक्षित महिला श्रेणी के लिए तय किया गया है। इसके बाद से ही जिले की सियासत में महिला दिग्गजों और दावेदारों की गतिविधियां बढ़ गई थीं।
जिले में नए परिसीमन लागू होने के बाद पंचायती राज व्यवस्था का दायरा भी बदला है। आगामी चुनाव में मतदाता बड़े पैमाने पर जनप्रतिनिधियों का चुनाव करेंगे। जिले में जिला परिषद सदस्य के 35 पद, पंचायत समिति प्रधान के 11 पद, पंचायत समिति सदस्य के 199 पद, ग्राम पंचायत सरपंच के 359 पद और वार्ड पंच के 3,159 पद हैं।
जिले में त्रिस्तरीय पंचायत चुनावों के लिए कुल 9 लाख 73 हजार मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। ये मतदाता जिला प्रमुख, प्रधान, जिला परिषद सदस्यों और पंचायत समिति सदस्यों के भाग्य का फैसला करेंगे। इनमें 4,86,733 पुरुष मतदाता, 4,86,255 महिला मतदाता और 12 ट्रांसजेंडर मतदाता शामिल हैं।
मतदाताओं की संख्या के लिहाज से चित्तौड़गढ़ सबसे बड़ी पंचायत समिति है, जहां कुल 1,55,262 मतदाता हैं। वहीं भैंसरोडगढ़ सबसे छोटी पंचायत समिति है, जहां कुल 64,707 मतदाता हैं। परिसीमन के बाद बदले राजनीतिक ढांचे में आरक्षण की स्थिति सामने आने से चुनावी दावेदारों के समीकरण भी प्रभावित हुए हैं।
जिला परिषद सदस्य, प्रधान और पंचायत समिति सदस्य पदों का आरक्षण तय होने के बाद अब ग्राम पंचायतों का आरक्षण निर्धारित किया जाना है। प्रशासनिक कार्यक्रम के अनुसार आज जिले की 359 ग्राम पंचायतों में सरपंच और 3,159 वार्ड पंच पदों के लिए आरक्षण की लॉटरी निकाली जाएगी। इसके साथ ही जिले में पंचायत चुनावों का पूर्ण आरक्षण परिदृश्य स्पष्ट हो जाएगा।
आरक्षण की स्थिति स्पष्ट होते ही भाजपा और कांग्रेस के खेमों में बैठकों का दौर शुरू हो गया है। कई सीटों पर समीकरण बदलने से पुराने दावेदारों के समीकरण बिगड़े हैं, जबकि नए चेहरों के लिए रास्ते खुले हैं। संभावित प्रत्याशी अब लामबंदी और ग्रामीण क्षेत्रों में जनसंपर्क में जुट गए हैं। इससे गांवों की चौपालों पर चुनावी सरगर्मियां तेज हो गई हैं।