बड़ीसादड़ी में श्रीमद्भागवत कथा शुरू, स्वामी अनन्तराम शास्त्री ने बताया महत्व
पितृ पक्ष में भागवत कथा श्रवण को पूर्वजों के लिए मोक्षदायिनी बताते हुए प्रथम दिन शिव-पार्वती एवं शुकदेव मुनि प्रसंग का वर्णन किया गया।
तस्वीर में सिर पर भागवत पोथी उठाकर शोभायात्रा निकालते लोग दिख रहे हैं।
बड़ीसादड़ी। श्रीरामद्वारा दिव्यआनंदधाम में सप्तदिवसीय श्रीमद्भागवत कथा का शुक्रवार को शुभारंभ हुआ। प्रथम दिवस की कथा में व्यासपीठ से स्वामी अनन्तराम शास्त्री ने पितृ पक्ष में श्रीमद्भागवत कथा श्रवण के महत्व पर प्रकाश डालते हुए इसे पितृ पूर्वजों के लिए मोक्षदायिनी बताया।
स्वामी अनन्तराम शास्त्री ने कहा, “बिनु सत्संग विवेक न होई। राम कृपा बिना सुलभ न सोई।।“ अर्थात ईश्वर की कृपा बिना सज्जन लोगों से भेंट भी नहीं होती और सज्जनों की संगति बिना मनुष्य को सत्य एवं असत्य का विवेक भी नहीं होता। भगवान राम की कृपा बिना उत्तम सत्संग सहजता से सुलभ नहीं होता।
कथा प्रारंभ से पूर्व श्रीमद्भागवत पोथी की प्रतीकात्मक शोभायात्रा श्रीरामद्वारा दिव्यआनंदधाम में निकाली गई। इसके बाद वैदिक विधि-विधान से पूजा और आरती की गई। व्यासपीठ पर स्वामी अनंतराम शास्त्री महाराज का पुष्पमाला एवं उपरना पहनाकर अभिनंदन किया गया।
कथा के प्रथम दिवस मंगलाचरण के साथ शिव-पार्वती कथा और शुकदेव मुनि कथा का विस्तार से वर्णन किया गया। विश्राम के बाद भागवत पोथी की आरती की गई। इसके पश्चात स्वर्गीय मदन लाल पोरवाल के परिवारजनों की ओर से प्रसाद वितरण किया गया।