गंगापुर, भीलवाड़ा। गंगापुर नगरपालिका चुनाव में मतदान के बाद वार्डवार चुनावी तस्वीर धीरे-धीरे साफ होने लगी है। 25 वार्डों में हुए मतदान के बाद भाजपा और कांग्रेस दोनों खेमों में जीत के दावे किए जा रहे हैं। मतदान केंद्रों से सामने आए स्थानीय रुझानों और मतदाताओं के उत्साह ने मुकाबले को बेहद करीबी बना दिया है। राजनीतिक पंडितों और स्थानीय चुनावी विश्लेषकों के आकलन के अनुसार कई वार्डों में मुकाबला बेहद नजदीकी है, जबकि कुछ वार्डों में एकतरफा बढ़त के संकेत दिखाई दे रहे हैं।

मतदान के बाद सामने आए स्थानीय रुझानों के आधार पर कांग्रेस को वार्ड नंबर 8, 9, 13, 16, 17, 18, 20, 21 और 23 में बढ़त मिलती हुई नजर आ रही है। वहीं भाजपा के पक्ष में वार्ड नंबर 1, 3, 4, 6, 10, 11, 12, 14, 15, 19, 22 और 24 के रुझान बताए जा रहे हैं।

चुनावी गणित की असली तस्वीर वार्ड नंबर 2, 5, 7 और 25 में उलझी नजर आ रही है। इन चार वार्डों में मुकाबला इतना रोचक बताया जा रहा है कि इनके परिणाम नगरपालिका बोर्ड के बहुमत का पूरा समीकरण बदल सकते हैं। इसी वजह से भाजपा और कांग्रेस दोनों की नजरें इन चार वार्डों पर टिकी हुई हैं।

गंगापुर नगरपालिका चुनाव में अब सबसे बड़ा सवाल बहुमत के आंकड़े को लेकर है। यदि मौजूदा रुझान अंतिम परिणाम में तब्दील होते हैं और भाजपा-कांग्रेस अपने-अपने मजबूत माने जा रहे वार्डों में जीत दर्ज करती हैं, तो मुकाबला बेहद नजदीकी स्थिति में पहुंच सकता है। ऐसे में वार्ड 2, 5, 7 और 25 के परिणाम निर्णायक भूमिका निभा सकते हैं।

इन चारों वार्डों में भाजपा, कांग्रेस और निर्दलीय प्रत्याशियों की स्थिति को लेकर अलग-अलग दावे सामने आ रहे हैं। चुनाव परिणाम से पहले दोनों दलों के रणनीतिकार इन वार्डों के बूथवार समीकरण, मतदान प्रतिशत और प्रत्याशियों के व्यक्तिगत प्रभाव का हिसाब लगाने में जुटे हैं।

चुनाव में निर्दलीय प्रत्याशियों की मौजूदगी ने भाजपा और कांग्रेस के पारंपरिक वोट बैंक के समीकरण को भी प्रभावित किया है। कुछ वार्डों में निर्दलीय प्रत्याशी मुकाबले को त्रिकोणीय बनाने में सफल रहे हैं। ऐसे में कुछ वोटों का अंतर भी बोर्ड बनाने की पूरी कहानी बदल सकता है। खासकर उन वार्डों में जहां भाजपा-कांग्रेस के साथ निर्दलीय प्रत्याशी भी मजबूत स्थिति में दिखाई दे रहे हैं, वहां जीत-हार का अंतर बेहद कम रहने की संभावना जताई जा रही है।

मतदान समाप्त होने के बाद दोनों प्रमुख दलों के प्रत्याशियों की राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। जीत के दावों के बीच प्रत्याशियों की बाड़ेबंदी का दौर शुरू हो चुका है। दोनों दल अपने-अपने समर्थित पार्षदों को एकजुट रखने और अंतिम समय तक राजनीतिक समीकरण मजबूत करने में जुटे हैं।

गंगापुर नगरपालिका के 25 वार्डों का यह चुनाव केवल पार्षदों की जीत-हार तक सीमित नहीं है। इसके परिणाम से नगरपालिका में भाजपा या कांग्रेस के बोर्ड का रास्ता साफ होगा। यही कारण है कि स्थानीय राजनीति में हर वार्ड का परिणाम महत्वपूर्ण हो गया है।

फिलहाल सामने आ रहा राजनीतिक गणित मतदान के बाद सामने आए स्थानीय रुझानों, मतदाताओं के रुझान और चुनावी विश्लेषण पर आधारित है। इसे अंतिम परिणाम नहीं माना जा सकता। कई बार अंतिम समय में मतों का अंतर और निर्दलीय प्रत्याशियों का प्रदर्शन पूरा चुनावी समीकरण बदल देता है।

अब सभी की निगाहें 14 सितंबर की सुबह होने वाली मतगणना पर टिकी हैं। ईवीएम खुलने के साथ ही तमाम दावे और चुनावी गणित वास्तविक परिणाम में बदलेंगे। इसके बाद साफ होगा कि गंगापुर नगरपालिका की सत्ता की चाबी भाजपा के हाथ आती है या कांग्रेस के।

फिलहाल वार्ड नंबर 2, 5, 7 और 25 को चुनावी किंगमेकर माना जा रहा है। इन्हीं वार्डों के परिणाम पर गंगापुर नगरपालिका के बोर्ड का रोमांचक फैसला टिका दिखाई दे रहा है।

Tags: