भीलवाड़ा: प्रेम प्रकाश आश्रम में संत भोलाराम ने दिया सत्संग का संदेश
गोंदिया से आए संत भोलाराम ने सद्गुरु संग और भक्ति के महत्व पर प्रकाश डाला, भजन कीर्तन के बाद हुआ प्रसाद वितरण।
भीलवाड़ा के आश्रम में हारमोनियम और ढोलक के साथ संगीत प्रस्तुति देते गायक।
भीलवाड़ा में प्रेम प्रकाश आश्रम में आयोजित सत्संग में गोन्दिया के संतश्री भोलाराम जी ने श्रद्धालुओं को सद्गुरू और संतों के संग तथा सत्संग के महत्व का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि सद्गुरू व संतों का संग मनुष्य को भव सागर से पार लगाता है और सत्संग में जाने का अवसर भाग्यशाली लोगों को प्राप्त होता है।
संत भोलाराम जी ने प्रवचनों में कहा कि सत्संग में नियमित जाने से मन संसार से निकलकर अध्यात्म की ओर अग्रसित होता है। संसार दुःखों का घर है और दिन में सत्संग की घड़ी मिल जाए तो वह भाग्य को बदल देती है।
उन्होंने कहा कि मीरा ने भगवान व गुरू की भक्ति में विष का प्याला भी अमृत बना दिया। इस दौरान उन्होंने भजन ‘आनन्द है आनन्द है, आनन्द में रहेंगे, कल क्या हुआ कल क्या होगा इसकी चिन्ता न करेंगे’ गाया। भजन पर सभी श्रद्धालु भाव-विभोर होकर नाचने लगे। अंत में आरती व पल्लव पाकर प्रसाद का वितरण हुआ।
प्रेम प्रकाश सेवा मण्डली के परमानन्द गुरनानी ने बताया कि संत भोलाराम के भीलवाड़ा पहुंचने पर किशोर गुरनानी, राजकुमार गुरनानी, राहुल परमानन्दानी व प्रेम प्रकाश सेवा मण्डली ने भव्य स्वागत किया।
इस अवसर पर परमानन्द गुरनानी, हीरालाल गुरनानी, कन्हैयालाल रामवानी, निर्मल आहूजा, मोनू मोरवानी, सतपाल गांधी, सुभाष गुरनानी, सुरेश दादवानी, गोविन्द सामतानी, कैलाश कृपलानी, पुरूषोतम परियानी, कमल वेशनानी, मोहन दास तुलस्यानी, प्रताप राय रामचन्दानी, आसनदास लिमानी, निर्मल चेलानी, मनोज रामचन्दानी, राजेन्द्र हेमनानी, तेजकुमार बाबानी, विजय थावानी, प्रेम प्रकाश सेवा मण्डली, प्रेम प्रकाश महिला मण्डली व आस-पास के शहरों के प्रेमियों सहित कई प्रेमी उपस्थित थे।