दक्ष और औनिक के भजनों पर झूमे श्रद्धालु, बापूनगर मंदिर में छाया भक्ति का रंग
भीलवाड़ा के बापूनगर मंदिर में पर्युषण पर्व के दौरान भक्ति संध्या में दक्ष और औनिक के भजनों पर श्रद्धालु झूमे, आयोजन 15 सितम्बर तक जारी रहेगा।
तस्वीर में श्वेत संगमरमर से बनी जैन मंदिर की वेदी और उस पर स्थापित मूर्तियां दिख रही हैं।
पर्वाधिराज पर्युषण महापर्व की आठ दिवसीय आराधना के तहत बापूनगर स्थित श्री संभवनाथ जैन श्वेताम्बर मंदिर में प्रतिदिन पूजा-अर्चना के साथ प्रभु भक्ति से जुड़े विभिन्न कार्यक्रम आयोजित हो रहे हैं। इन आयोजनों में बच्चे भी उत्साहपूर्वक शामिल होकर परमात्मा की भक्ति कर रहे हैं। पर्युषण पर्व के तहत श्री संभवनाथ जैन श्वेताम्बर मंदिर समिति के तत्वावधान में प्रतिदिन रात 8.15 बजे से उपासरे में भव्य भक्ति संध्या का आयोजन किया जा रहा है।
पर्युषण के दूसरे दिन बुधवार रात आयोजित भजन संध्या में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। गोविन्द गुरावा ने नवकार महामंत्र से भक्ति संध्या की शुरुआत की। इसके बाद उभरती बाल प्रतिभा दक्ष बडोला ने ‘मेरे मन में पारस नाथ’, ‘छोड़ेंगे न हम तेरा साथ’, ‘ये है मेरे करम मिला जैन धरम’ और ‘जय जय पारसनाथ’ जैसे भजनों की प्रस्तुति देकर भक्ति का रंग जमाया।
बाल भजन गायक औनिक जैन ने ‘गिराने सब ही आते हैं उठाने तू ही आएगा’, ‘दुनिया चलती पैरों पर, मैं तो तेरे भरोसे चलता हूं’, ‘फंसी भंवर में थी मेरी नैया’ आदि भजनों की मनभावन प्रस्तुति देकर श्रोताओं को भाव-विभोर कर दिया। समिति के राजमल सिंदुरिया, मनीष बापना, दिनेश गोलेछा, अनिल विश्लोत, संजय लोढ़ा आदि ने दोनों बाल कलाकारों का स्वागत किया। भक्ति संध्या के समापन पर गोविन्द गुरावा, कुलदीप गुगलिया और दक्ष बडोला ने नाकोड़ा भैरव देव के भजनों की प्रस्तुति दी, जिस पर श्रद्धालु झूमने लगे।
पर्युषण के तीसरे दिन गुरुवार को पक्षाल व केसर पूजा के लाभार्थी मनोज सीमादेवी, हर्षित अर्पित डोशी परिवार रहा। प्रातःकालीन आरती एवं मंगलदीपक के लाभार्थी भगतसिंह, अमित, अजय डागलिया परिवार रहे। प्रातःकालीन श्री नाकोड़ा भैरव देव एवं पद्मावती माता की आरती के लाभार्थी पवनकुमार दक्ष लोढ़ा परिवार रहे। भगवान की अंगरचना के लाभार्थी घिसीबाई भंवरलाल, विमल भाई नागौत्रा (सोलंकी) परिवार रहे। संध्याकालीन आरती एवं मंगल दीपक के लाभार्थी सुनीलकुमार, राकेश कुमार भंसाली परिवार रहे। संध्याकालीन श्री नाकोड़ा भैरव देव एवं पद्मावती माता की आरती के लाभार्थी लादूसिंह, अमित, दीपककुमार लोढ़ा परिवार रहे। परमात्मा की पूजा करने वाले बच्चों की प्रभावना के लाभार्थी प्रेमचंद गुगलिया परिवार रहे।
अंगरचना बनाने में संजय लोढ़ा, जीतेन्द्र आंचलिया, दिनेश गोलेछा, साक्षी आंचलिया, संयम कर्णावट, ख़ुशी मेहता, लक्की खाब्या, यशवी खाब्या, गार्गी खाब्या, सिधीक्षा खाब्या और सुनील (गोटू) कर्णावट का सहयोग रहा।
प्रतिदिन पूर्ण श्रद्धाभाव से परमात्मा की पूजा करने वाले बच्चों की संख्या बढ़ने पर मंदिर समिति ने खुशी व्यक्त की है। पर्युषण पर्व के उपलक्ष्य में आयोजित कार्यक्रमों की व्यवस्थाओं में बलवंत मेहता, मनीष बापना, दिनेश गोलेछा, अनिल विश्लोत, विवेक खाब्या, संजय लोढ़ा, पवन लोढ़ा, सुनील कर्णावट, अग्रज बिरानी, दिलीप जैन, नमन गोलेछा, संयम कर्णावट, साक्षी आंचलिया और युग कावड़िया का विशेष सहयोग मिल रहा है।
श्री संभवनाथ जैन श्वेताम्बर मंदिर समिति के अध्यक्ष मनीष बाफना ने बताया कि 15 सितम्बर तक प्रतिदिन सुबह 7 बजे से मंदिर में पक्षाल एवं केसर पूजा होगी तथा परमात्मा की अंगरचना होगी। प्रातःकालीन आरती सुबह 9 बजे से और संध्याकालीन आरती रात 8 बजे होगी। मंदिर समिति के पदाधिकारियों ने सभी श्रद्धालुओं से पर्युषण पर्व में होने वाले कार्यक्रमों में शामिल होकर कर्मों की निर्जरा करने और भक्ति का आनंद लेने का आग्रह किया है।