भरतपुर में स्वच्छता कर्मियों के लिए कचरा प्रबंधन कार्यशाला आयोजित
स्वच्छता मित्रों को गीले-सूखे कचरे के पृथक्करण और सिंगल यूज प्लास्टिक के कम उपयोग के बारे में जागरूक किया गया।
भरतपुर में स्वच्छता कर्मियों ने स्वच्छता की शपथ ली और अपशिष्ट प्रबंधन का संकल्प लिया।
भरतपुर, 7 नवंबर। कचरा प्रबंधन और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में स्वच्छता कर्मियों की भूमिका को मजबूत बनाने के उद्देश्य से भरतपुर में नगर निगम के कचरा संग्रहण ऑटो टिपर चालकों के लिए ‘रिड्यूस वेस्ट’ विषय पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। ब्रिक्स सतत् जीवनशैली सप्ताह के अंतिम दिवस की थीम ‘रिड्यूस वेस्ट’ के तहत आयोजित इस कार्यक्रम में कचरे के पृथक्करण, पुनर्चक्रण और प्लास्टिक के कम उपयोग को लेकर महत्वपूर्ण जानकारी दी गई।
अधिशाषी अभियन्ता राजुल कुमार के मार्गदर्शन में आरयूआईडीपी, भरतपुर की सामुदायिक जागरूकता एवं जन सहभागिता इकाई (कैप) ने सुभाष नगर के पास स्थित केन्द्र पर नगर निगम के कचरा संग्रहण ऑटो टिपर चालकों के साथ संवाद कार्यक्रम आयोजित किया।
इस दौरान सोशल एक्सपर्ट मनीष कटारा ने उपस्थित स्वच्छता कर्मियों को संबोधित करते हुए कहा कि पर्यावरण और जनस्वास्थ्य की रक्षा में स्वच्छता मित्र के रूप में उनका योगदान सराहनीय है। उन्होंने कहा कि एक सजग नागरिक ही स्वच्छ समाज की दिशा में आगे बढ़ सकता है।
कटारा ने गीले और सूखे कचरे को अलग-अलग एकत्रित करने, सेनेटरी एवं खतरनाक कचरे से बचाव के उपायों तथा रिसाइकल किए जा सकने वाले कचरे को अन्य कचरे से अलग रखने के महत्व पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने सहभागियों को सुझाव दिया कि वे अपने कार्य के दौरान आम लोगों को पॉलिथीन, प्लास्टिक के थैलों और सिंगल यूज प्लास्टिक का कम इस्तेमाल करने के लिए भी प्रेरित करें।
कार्यक्रम में ए.एस.डी. सुरेन्द्रपाल ने स्वच्छता कर्मियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि वे प्रतिदिन कचरा एकत्रीकरण और निस्तारण की दिशा में कार्य कर वास्तविक अर्थों में स्वच्छता दूत की तरह अपनी जिम्मेदारी निभा रहे हैं।
कार्यक्रम के समापन पर सुरेन्द्रपाल ने सभी सहभागियों के साथ स्वच्छता की शपथ भी ग्रहण की। इस पहल के माध्यम से कचरा संग्रहण से जुड़े कर्मियों को बेहतर अपशिष्ट प्रबंधन और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक करने पर जोर दिया गया।