भरतपुर की कुम्हेर रोड स्थित सब्जी मंडी में आयोजित जागरूकता कार्यक्रम के दौरान स्थानीय व्यापारियों को सिंगल यूज़ प्लास्टिक का उपयोग न करने के प्रति जागरूक करते आरयूआईडीपी अधिकारी।

भरतपुर। ब्रिक्स सतत् जीवनशैली सप्ताह के अंतर्गत पर्यावरण संरक्षण और सतत् जीवनशैली को बढ़ावा देने के लिए गुरुवार, 5 नवम्बर को भरतपुर की कुम्हेर रोड स्थित सब्जी मंडी परिसर में 'नो सिंगल यूज प्लास्टिक' जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में व्यापारियों के साथ संवाद कर एक बार इस्तेमाल होने वाले प्लास्टिक के दुष्प्रभावों की जानकारी दी गई। इस दौरान व्यापारियों ने सिंगल यूज प्लास्टिक को बढ़ावा नहीं देने की शपथ ली।

अधिशाषी अभियन्ता राजुल कुमार के मार्गदर्शन में राजस्थान अर्बन इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट प्रोजेक्ट (आरयूआईडीपी) की सामुदायिक जागरूकता एवं जन सहभागिता इकाई (कैप) की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य व्यापारियों को एक बार उपयोग किए जाने वाले प्लास्टिक से पर्यावरण और मानव स्वास्थ्य को होने वाले नुकसान के प्रति जागरूक करना था।

कार्यक्रम में सोशल एक्सपर्ट मनीष कटारा ने व्यापारियों को बताया कि प्लास्टिक कैरी बैग, डिस्पोजल कटलरी और पानी की बोतल जैसे एक बार इस्तेमाल होने वाले प्लास्टिक उत्पाद प्रकृति के साथ-साथ मानवता के लिए भी जहर के समान हैं। उन्होंने कहा कि जब सभी लोग सिंगल यूज प्लास्टिक का उपयोग बंद करने की दिशा में प्रयास करेंगे, तभी सार्थक परिणाम सामने आएंगे और आगामी पीढ़ी को स्वच्छ पर्यावरण दिया जा सकेगा।

उन्होंने व्यापारियों से प्लास्टिक और पॉलीथीन बैग के स्थान पर कपड़े या जूट से बने टिकाऊ बैगों के इस्तेमाल को बढ़ावा देने तथा ग्राहकों को भी इसके लिए प्रेरित करने की अपील की।

इस अवसर पर ए.एस.डी. सुरेन्द्रपाल ने बताया कि सिंगल यूज प्लास्टिक जैविक रूप से नष्ट नहीं होता। यह जीव-जंतुओं के साथ-साथ मानव स्वास्थ्य के लिए भी नुकसानदायक है। प्लास्टिक कचरा जलभराव और बाढ़ की समस्या के लिए भी जिम्मेदार है। उन्होंने प्लास्टिक मुक्त वातावरण की दिशा में ठोस प्रयास करने की आवश्यकता बताई।

कार्यक्रम के अंत में उपस्थित व्यापारियों ने सिंगल यूज प्लास्टिक को बढ़ावा नहीं देने की शपथ ली। जागरूकता कार्यक्रम के माध्यम से व्यापारियों को प्लास्टिक के विकल्प अपनाने और ग्राहकों को भी पर्यावरण संरक्षण के इस प्रयास से जोड़ने का संदेश दिया गया।

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