भुसावर में जाटव समाज के श्मशान घाट का रास्ता बंद, दीवार के ऊपर से शव ले जाने की मजबूरी
भरतपुर के भुसावर में दीवली रोड स्थित जाटव समाज के श्मशान घाट का रास्ता अवरुद्ध होने से अंतिम संस्कार में परेशानी हो रही है। लोगों ने कई बार अधिकारियों से शिकायत की, लेकिन अब तक समाधान नहीं हुआ।
भरतपुर के भुसावर कस्बे में दीवली रोड स्थित श्मशान घाट का रास्ता बंद होने के कारण अर्थी को दीवार के ऊपर से ले जाते जाटव समाज के लोग।तस्वीर में भरतपुर के भुसावर में श्मशान घाट की दीवार लांघकर शव ले जाते लोग दिख रहे हैं।
भुसावर (भरतपुर)। भुसावर कस्बे के दीवली रोड स्थित जाटव समाज के श्मशान घाट तक जाने वाला रास्ता अवरुद्ध होने से समाज के लोगों को अंतिम संस्कार के दौरान भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्थिति यह है कि किसी व्यक्ति की मृत्यु होने पर शव को श्मशान घाट तक पहुंचाने के लिए लोगों को निर्माणाधीन पक्की दीवार के ऊपर से गुजरना पड़ता है। श्मशान भूमि तक पहुंचने के लिए सुगम रास्ता उपलब्ध नहीं होने से अंतिम संस्कार की प्रक्रिया भी कठिन हो गई है।
जाटव समाज के लोगों के अनुसार, श्मशान घाट तक पहुंचने के लिए पहले रास्ता उपलब्ध था, लेकिन कुछ लोगों ने उस रास्ते पर निर्माण कार्य कर उसे अवरुद्ध कर दिया। इससे श्मशान भूमि तक आवागमन बाधित हो गया। रास्ता बंद होने के कारण समाज के लोगों को सामान्य दिनों के साथ-साथ विशेष रूप से किसी व्यक्ति की मृत्यु होने पर परेशानी उठानी पड़ती है।
कई बार अधिकारियों को शिकायत, फिर भी नहीं हुआ समाधान
समाज के पूर्व पार्षद अमरसिंह, तुलसीराम जाटव सहित अन्य लोगों ने बताया कि श्मशान भूमि तक जाने वाले रास्ते की समस्या को लेकर कई बार जिला कलेक्टर, उपखंड अधिकारी और नगर पालिका के अधिशाषी अधिकारी को लिखित एवं मौखिक रूप से शिकायत दी जा चुकी है। इसके बावजूद अब तक समस्या का स्थायी समाधान नहीं हुआ है। बार-बार प्रशासनिक अधिकारियों को अवगत कराने के बाद भी रास्ता नहीं खुलने से समाज के लोगों में नाराजगी है।
अंतिम संस्कार के दौरान सबसे अधिक परेशानी
समाज के लोगों ने बताया कि श्मशान घाट प्रत्येक व्यक्ति के अंतिम संस्कार से जुड़ा महत्वपूर्ण स्थान है। ऐसे में वहां तक पहुंचने के लिए सुगम रास्ते की व्यवस्था होना आवश्यक है। वर्तमान स्थिति में शव को श्मशान भूमि तक ले जाने के लिए निर्माणाधीन पक्की दीवार के ऊपर से गुजरना पड़ता है। यह स्थिति बेहद कठिन और असुविधाजनक है। इससे अंतिम संस्कार में शामिल होने वाले बुजुर्गों, महिलाओं और अन्य लोगों को भी परेशानी का सामना करना पड़ता है।
प्रशासन से पुराने रास्ते का अवरोध हटाने की मांग
जाटव समाज के लोगों ने जिला प्रशासन और नगर पालिका प्रशासन से मांग की है कि श्मशान भूमि तक जाने वाले पुराने रास्ते की स्थिति की जांच करवाई जाए। नियमानुसार अतिक्रमण और अन्य अवरोध हटवाकर रास्ता खुलवाया जाए तथा श्मशान घाट तक स्थायी और सुगम मार्ग की व्यवस्था की जाए। इससे भविष्य में किसी व्यक्ति की मृत्यु होने पर अंतिम संस्कार के दौरान समाज के लोगों को इस तरह की कठिनाइयों का सामना नहीं करना पड़ेगा।
अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि बार-बार शिकायतों के बावजूद लंबित इस मामले में जिला प्रशासन और नगर पालिका प्रशासन कब कार्रवाई करते हैं। श्मशान घाट तक पहुंचने का रास्ता उपलब्ध कराने की समाज की मांग पर प्रशासनिक निर्णय का इंतजार है।