अन्ता-मांगरोल के किसानों को जल्द मिलेगा नहरी पानी? चम्बल नहर में जल प्रवाह की मांग
अन्ता-मांगरोल क्षेत्र में रबी फसलों की बुवाई के लिए नहरी पानी की मांग उठी है। विधायक प्रमोद जैन भाया ने चम्बल की दांयी मुख्य नहर में अतिशीघ्र पर्याप्त जल प्रवाह के लिए संभागीय आयुक्त को पत्र लिखा।
तस्वीर में अन्ता विधायक प्रमोद जैन भाया नजर आ रहे हैं।
बारां। अन्ता विधानसभा क्षेत्र के किसानों को रबी फसलों की समय पर बुवाई के लिए सिंचाई जल उपलब्ध कराने की मांग को लेकर अन्ता विधायक प्रमोद जैन भाया ने संभागीय आयुक्त एवं पदेन क्षेत्रीय विकास आयुक्त, चम्बल सिंचित क्षेत्र विकास, कोटा को पत्र लिखा है। उन्होंने चम्बल की दांयी मुख्य नहर में अतिशीघ्र पर्याप्त मात्रा में सिंचाई जल प्रवाहित करवाने का आग्रह किया है।
विधायक भाया ने पत्र में बताया कि अन्ता विधानसभा क्षेत्र के अन्ता एवं मांगरोल तहसील क्षेत्र की कृषि भूमि का बड़ा भाग चम्बल की दांयी मुख्य नहर और उससे जुड़े नहरी तंत्र के माध्यम से सिंचित होता है। इस वर्ष क्षेत्र में अपेक्षाकृत काफी कम वर्षा होने के कारण खेतों में पर्याप्त नमी नहीं है। पानी की कमी के चलते अनेक किसानों की कृषि भूमि अभी भी खाली पड़ी है और किसान आगामी फसलों की समय पर बुवाई नहीं कर पा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि वर्तमान परिस्थितियों में किसानों को फसल बुवाई और खेतों में आवश्यक नमी के लिए तत्काल सिंचाई जल की सख्त आवश्यकता है। क्षेत्र के बड़ी संख्या में किसान चम्बल की दांयी मुख्य नहर के पानी पर निर्भर हैं। समय रहते नहर में पानी उपलब्ध होने पर किसान अपने खेतों में रबी फसलों की समयबद्ध तरीके से बुवाई कर सकेंगे।
भाया ने पत्र में यह भी कहा कि नहर में जल प्रवाह में अधिक विलंब होने से फसलों की बुवाई प्रभावित होगी और किसानों को आर्थिक नुकसान होने की आशंका है। किसानों की वर्तमान आवश्यकता और कृषि हित को देखते हुए उन्होंने इस मामले में प्राथमिकता के आधार पर त्वरित कार्रवाई की आवश्यकता बताई।
विधायक ने संभागीय आयुक्त से आग्रह किया कि संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश जारी कर चम्बल की दांयी मुख्य नहर में अतिशीघ्र पर्याप्त मात्रा में सिंचाई जल प्रवाहित करवाया जाए, ताकि अन्ता और मांगरोल तहसील क्षेत्र के किसानों को समय पर पानी मिल सके और वे अपनी फसलों की बुवाई कर सकें।
पत्र की प्रतिलिपि जिला कलक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट, बारां को भी आवश्यक कार्यवाही और समन्वय के लिए भेजी गई है। ऐसे में नहर में समय पर जल प्रवाह उपलब्ध होना अन्ता-मांगरोल क्षेत्र के किसानों के लिए रबी फसलों की बुवाई के लिहाज से महत्वपूर्ण होगा।