रामलीला मंचन 10 अक्टूबर से, 6 अक्टूबर को होगा बल्ली पूजन; डिजिटल तकनीक से सजेगा मंच
बारां की 68 वर्षों पुरानी रामलीला का मंचन 10 अक्टूबर से होगा। 6 अक्टूबर को बल्ली पूजन किया जाएगा। मथुरा-वृंदावन के कलाकारों के साथ डिजिटल तकनीक, आधुनिक साउंड और दृश्य प्रभाव प्रस्तुति को नया रूप देंगे।
तस्वीर में रामलीला मंचन के दौरान पारंपरिक वेशभूषा में सजे कलाकार नजर आ रहे हैं।
बारां। शहर की धार्मिक एवं सांस्कृतिक पहचान से जुड़ी श्रीमहावीर कला मंडल संस्थान की 68 वर्षों पुरानी रामलीला का मंचन इस वर्ष 10 अक्टूबर से होगा। रामलीला की तैयारियों के तहत 6 अक्टूबर मंगलवार को प्रताप चौक स्थित रामलीला स्थल पर विधिवत पूजन-अर्चन के साथ बल्ली पूजन किया जाएगा।
रामलीला को लेकर संस्थान की तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं। कलाकार प्रतिदिन अभ्यास वर्ग में देर रात तक संवाद, अभिनय और मंचन का अभ्यास कर रहे हैं। बल्ली पूजन के साथ ही रामलीला मंचन की तैयारियों को अंतिम रूप देने का सिलसिला शुरू होगा।
संस्थान के अध्यक्ष योगेश गुप्ता ने बताया कि इस बार भी रामलीला में मथुरा-वृंदावन से कलाकारों को आमंत्रित किया गया है। ये कलाकार अपने अभिनय और पारंपरिक शैली के माध्यम से रामलीला को जीवंत रूप प्रदान करेंगे। रामलीला का मंचन 10 से 21 अक्टूबर तक किया जाएगा। इसमें स्थानीय कलाकारों के साथ बाहर से आने वाले कलाकार भी विभिन्न पात्रों की भूमिका निभाएंगे।
संस्थान के संरक्षक लक्ष्मण वर्मा सागर ने बताया कि इस बार सांस्कृतिक परंपरा को आधुनिक तकनीक से जोड़ते हुए रामलीला को अधिक आकर्षक बनाने का प्रयास किया जा रहा है। मंचन में डिजिटल तकनीक, आधुनिक साउंड एवं दृश्य प्रभावों का उपयोग किया जाएगा, जिससे दर्शकों को रामलीला के प्रसंगों का प्रभावी और जीवंत अनुभव मिल सके।
उन्होंने कहा कि रामलीला केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि बारां की सांस्कृतिक विरासत और सामाजिक एकता की पहचान भी है। संस्थान का प्रयास है कि पुरानी परंपराओं को कायम रखते हुए नई पीढ़ी को आधुनिक प्रस्तुति के माध्यम से भगवान श्रीराम के आदर्शों और रामायण के संदेश से जोड़ा जाए।
रामलीला के आयोजन को लेकर शहरवासियों में भी उत्साह का माहौल है। 68 वर्षों पुरानी यह रामलीला इस बार पारंपरिक प्रस्तुति के साथ डिजिटल तकनीक, आधुनिक साउंड और दृश्य प्रभावों के समावेश के साथ 10 से 21 अक्टूबर तक मंचित की जाएगी।