हापुड़ में 23 अक्टूबर को ड्राई डे घोषित, जिला मजिस्ट्रेट कविता मीना ने जारी किया आदेश
हापुड़ में विधान परिषद के खण्ड शिक्षक और खण्ड स्नातक निर्वाचन-2026 के मतदान के मद्देनजर 23 अक्टूबर को ड्राई डे रहेगा। जिला मजिस्ट्रेट कविता मीना के आदेश के तहत शराब की दुकानों, बार, क्लब और अन्य प्रतिष्ठानों पर प्रतिबंध लागू होगा।
हापुड़ की जिला मजिस्ट्रेट कविता मीना, जिन्होंने जिले में विधान परिषद निर्वाचन-2026 के मतदान के मद्देनजर शांतिपूर्ण चुनाव संपन्न कराने हेतु पूर्ण ड्राई डे घोषित किया है।
उत्तर प्रदेश के हापुड़ जिले में 23 अक्टूबर 2026 को विधान परिषद के खण्ड शिक्षक और खण्ड स्नातक निर्वाचन-2026 के मतदान के मद्देनजर पूरे दिन शराब की बिक्री पर प्रतिबंध रहेगा। जिला मजिस्ट्रेट कविता मीना ने शांतिपूर्ण और निष्पक्ष मतदान सुनिश्चित करने के लिए शुक्रवार, 23 अक्टूबर 2026 को जनपद में ड्राई डे घोषित किया है। इस संबंध में जिला प्रशासन की ओर से आधिकारिक आदेश जारी कर दिया गया है।
जिला मजिस्ट्रेट ने संयुक्त प्रान्त आबकारी अधिनियम-1910 की धारा-59 के तहत प्राप्त अधिकारों का प्रयोग करते हुए जिले में शराब की बिक्री और संबंधित प्रतिष्ठानों को बंद रखने के निर्देश दिए हैं। आदेश के अनुसार, मतदान के दिन देशी शराब की दुकानें, विदेशी शराब की दुकानें, बीयर शॉप, मॉडल शॉप, रेस्टोरेंट, क्लब और बार बंद रहेंगे। इसके अलावा सैन्य कैंटीन, डिनेचर्ड स्प्रिट, एफ.एल.-39 दुकानें, थोक अनुज्ञापन और फुटकर बिक्री की दुकानें भी बंद रहेंगी।
प्रशासन के आदेश के तहत 23 अक्टूबर 2026 को मतदान की तारीख पर पूरे दिन शराब और अन्य मादक पदार्थों की बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध लागू रहेगा। इस अवधि में प्रतिष्ठानों को बंद रखने के बदले लाइसेंस धारकों को सरकार की ओर से किसी प्रकार का प्रतिफल या मुआवजा नहीं दिया जाएगा।
आदेश में बंदी के दिन व्यक्तिगत रूप से अपने पास रखी जाने वाली मादक वस्तुओं की सीमा को भी नियंत्रित और प्रतिबंधित किया गया है। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित नियमों का पालन करना संबंधित दुकानदारों और लाइसेंस धारकों के लिए आवश्यक होगा।
जिला मजिस्ट्रेट कविता मीना ने नागरिकों और दुकानदारों से कानून-व्यवस्था बनाए रखने तथा लोकतंत्र के इस पर्व को शांतिपूर्वक संपन्न कराने में सहयोग देने की अपील की है। प्रशासन के अनुसार, ड्राई डे के आदेश का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। निर्वाचन के दौरान जिले में शराब की बिक्री पर प्रतिबंध का उद्देश्य मतदान प्रक्रिया को शांतिपूर्ण और निष्पक्ष बनाए रखना है।