हापुड़: प्रीत विहार में बंदरों का आतंक, निवासियों ने DM से लगाई गुहार
डेढ़ साल से आक्रामक बंदरों से परेशान लोगों ने वन विभाग के सहयोग से विशेष अभियान चलाकर बंदरों को सुरक्षित स्थान पर स्थानांतरित करने की मांग की।
हापुड़ के प्रीत विहार के निवासियों ने डीएम को ज्ञापन सौंपा।
हापुड़ के प्रीत विहार प्रथम कॉलोनी में बंदरों की बढ़ती संख्या और उनके आक्रामक व्यवहार से स्थानीय निवासी पिछले डेढ़ साल से परेशान हैं। घरों के आसपास और मुख्य रास्तों पर बंदरों के झुंड दिखाई देने से लोगों में डर का माहौल है। बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों की सुरक्षा को लेकर चिंतित क्षेत्रवासियों ने अब जिलाधिकारी से हस्तक्षेप करने और वन विभाग की मदद से बंदरों को पकड़ने के लिए विशेष अभियान चलाने की मांग की है।
स्थानीय निवासियों के अनुसार, बंदर आए दिन घरों के आसपास और मुख्य रास्तों पर झुंड बनाकर घूमते रहते हैं। उनका आक्रामक व्यवहार लोगों के लिए चिंता का कारण बन गया है। क्षेत्रवासियों को आशंका रहती है कि बंदर अचानक हमला कर सकते हैं। ऐसे में परिवारों को विशेष रूप से बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों की सुरक्षा की चिंता सता रही है। लोगों का कहना है कि यह समस्या अब केवल रोजमर्रा की असुविधा नहीं रह गई है, बल्कि उनकी सुरक्षा से जुड़ा गंभीर मामला बन चुकी है।
बंदरों से राहत पाने के लिए स्थानीय निवासी पहले भी कई बार हापुड़-पिलखुवा विकास प्राधिकरण (HPDA) को लिखित शिकायत दे चुके हैं। इसके बावजूद अब तक कोई ठोस या स्थायी समाधान नहीं निकल पाया है। लगातार शिकायतों के बाद भी प्रभावी कार्रवाई नहीं होने से क्षेत्रवासियों में प्रशासन के प्रति नाराजगी और आक्रोश बढ़ गया है।
HPDA से राहत नहीं मिलने पर अब निवासियों ने जिलाधिकारी को प्रार्थना पत्र सौंपकर मामले में तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। क्षेत्रवासियों ने प्रीत विहार प्रथम में बंदरों को पकड़ने के लिए विशेष अभियान चलाने की मांग उठाई है। साथ ही वन विभाग और संबंधित वन्यजीव विशेषज्ञों की सहायता से बंदरों को नियमानुसार किसी सुरक्षित स्थान, जैसे जंगल, में स्थानांतरित करने का अनुरोध किया है।
प्रार्थना पत्र में जिलाधिकारी से संबंधित विभागों और अधिकारियों को निश्चित समय सीमा के भीतर ठोस कदम उठाने के निर्देश देने की मांग भी की गई है। इसके अलावा, प्रशासन की ओर से समस्या के समाधान के लिए की जा रही कार्रवाई की जानकारी स्थानीय निवासियों को उपलब्ध कराने का अनुरोध किया गया है, ताकि लोगों को उठाए जा रहे कदमों के बारे में पता चल सके।
स्थानीय लोगों का कहना है कि पिछले डेढ़ साल से जारी बंदरों के आतंक ने उनकी सामान्य दैनिक गतिविधियों को प्रभावित कर दिया है। डर के कारण लोग अपने घरों से बाहर निकलने में भी कतराते हैं। क्षेत्रवासियों ने प्रशासन से बच्चों और बुजुर्गों की सुरक्षा को प्राथमिकता देने तथा जल्द उचित कदम उठाने की अपील की है, ताकि प्रीत विहार प्रथम के निवासी बिना भय के घरों से बाहर निकल सकें और इस लंबे समय से चली आ रही समस्या से राहत पा सकें।