जौनपुर कलेक्ट्रेट के सामने बच्चों संग आत्मदाह की कोशिश, वकीलों और एएलयू सदस्यों ने बचाई जान
बक्सा थाना क्षेत्र के सरेडी गांव की महिला ने हैंडपंप विवाद और पड़ोसियों की प्रताड़ना से तंग आकर बच्चों के साथ यह कदम उठाया, जिसे वकीलों ने बचाया।
तस्वीर में जौनपुर कलेक्ट्रेट परिसर के पास पुलिस सुरक्षा के बीच नजर आ रही वह महिला, जिसने पड़ोसियों के विवाद और हैंडपंप लगाने की बाधा से तंग आकर बुधवार को अपने बच्चों के साथ आत्मदाह करने की कोशिश की थी, जिसे वकीलों और सुरक्षाकर्मियों की सूझबूझ से सुरक्षित बचा लिया गया।
जौनपुर में कलेक्ट्रेट परिसर के सामने बुधवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब एक महिला ने अपने बच्चों के साथ कथित तौर पर आत्मदाह करने की कोशिश की। महिला ने खुद और बच्चों पर डीजल उड़ेल लिया था। इससे पहले कि वह कोई कदम उठाती, मौके पर मौजूद वकीलों और एएलयू के सदस्यों ने तत्परता दिखाते हुए उसके हाथ से डिब्बा छीन लिया। उनकी सूझबूझ और तत्काल हस्तक्षेप से महिला और उसके बच्चों को सुरक्षित बचा लिया गया।
मामला बक्सा थाना क्षेत्र के सरेडी गांव का है। महिला का आरोप है कि उसके पड़ोसी घर के पास हैंडपंप नहीं लगाने दे रहे हैं। इस मुद्दे को लेकर दोनों पक्षों के बीच विवाद चल रहा है। महिला का कहना है कि पड़ोसी उसे निर्माण कार्य कराने और जरूरी सुविधाएं जुटाने में बाधा पहुंचा रहे हैं।
बताया जाता है कि महिला अपनी शिकायत लेकर जिलाधिकारी कार्यालय पहुंची थी। इसी दौरान उसने कलेक्ट्रेट के सामने अपने बच्चों के साथ आत्मदाह का प्रयास किया। महिला के इस कदम से मौके पर मौजूद लोगों में हड़कंप मच गया। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए वहां मौजूद वकीलों और एएलयू के सदस्यों ने तुरंत हस्तक्षेप किया और उसके हाथ से डीजल का डिब्बा छीनकर उसे रोक लिया। इस दौरान बच्चों को भी सुरक्षित बचा लिया गया।
महिला ने अशोक यादव, धनंजय यादव समेत कुछ अज्ञात लोगों पर प्रताड़ित करने का आरोप लगाया है। हालांकि, महिला की ओर से लगाए गए इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। घटना के बाद कलेक्ट्रेट परिसर में काफी देर तक अफरा-तफरी का माहौल बना रहा।
जौनपुर कलेक्ट्रेट के सामने हुई इस घटना में समय रहते हस्तक्षेप किए जाने से महिला और उसके बच्चों की जान बच गई। वहीं, हैंडपंप लगाने को लेकर पड़ोसियों के साथ चल रहे विवाद और महिला द्वारा लगाए गए प्रताड़ना के आरोपों ने मामले को गंभीर बना दिया है।