तस्वीर में नदी किनारे बने घाट पर सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी करते पुलिसकर्मी खड़े दिख रहे हैं।

हापुड़ (उत्तर प्रदेश) :- गणेश चतुर्थी पर्व के समापन और गणपति मूर्ति विसर्जन को लेकर बृजघाट पुलिस पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) के सख्त आदेशों का पालन करते हुए प्रशासन ने इस बार गंगा नदी में मूर्ति विसर्जन पर पूर्ण रूप से प्रतिबंध लगा दिया है। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि आस्था के नाम पर पवित्र गंगा नदी को प्रदूषित करने की अनुमति किसी को नहीं दी जाएगी।

पुलिस प्रशासन की ओर से जारी गाइडलाइंस के मुताबिक, कोई भी व्यक्ति गंगा नदी के मुख्य जलप्रवाह में प्लास्टर ऑफ पेरिस (PoP) या रासायनिक रंगों से बनी गणपति मूर्तियों का विसर्जन नहीं कर सकेगा। बृजघाट के सभी घाटों पर पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। पुलिस आने-जाने वाले श्रद्धालुओं और मूर्तियों पर पैनी नजर रख रही है।

प्रशासन ने चेतावनी दी है कि नियमों का उल्लंघन करने वालों और प्रतिबंध के बावजूद गंगा नदी में मूर्ति विसर्जन करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही PoP मूर्तियों को लेकर भी विशेष सख्ती बरती जा रही है और पुलिस प्रशासन पूरे क्षेत्र में निगरानी बनाए हुए है।

बृजघाट कोतवाली प्रभारी और प्रशासनिक अधिकारियों ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे त्योहार की पवित्रता और पर्यावरण की सुरक्षा का ध्यान रखें। प्रशासन द्वारा मूर्ति विसर्जन के लिए निर्धारित स्थानों पर कृत्रिम कुंड (Artificial Ponds) और विसर्जन स्थल तैयार किए गए हैं।

सभी समितियों और आम जनता से अनुरोध किया गया है कि वे अपनी गणपति मूर्तियों का विसर्जन इन्हीं कृत्रिम कुंडों में करें और गंगा को स्वच्छ व अविरल रखने में अपना पूर्ण सहयोग दें। गंगा नदी में प्रत्यक्ष विसर्जन पर प्रतिबंध के बीच पुलिस और प्रशासन की निगरानी यह सुनिश्चित करने के लिए बढ़ा दी गई है कि निर्धारित नियमों का उल्लंघन न हो।

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