हापुड़: पिलखुवा हाईवे पर बस की छत पर बैठे यात्री, वीडियो हुआ वायरल
पिलखुवा कोतवाली क्षेत्र के नेशनल हाईवे पर ओवरलोड बस की छत पर जान जोखिम में डालकर सफर करते दिखे लोग, पुलिस और परिवहन विभाग पर उठे सवाल।
तस्वीर में सड़क पर चलती नीली बस की छत पर कई यात्री बैठे दिख रहे हैं।
हापुड़ (उत्तर प्रदेश)। जनपद हापुड़ के पिलखुवा कोतवाली क्षेत्र में पुलिस प्रशासन की नाक के नीचे डग्गामार बसें हाईवे पर यात्रियों की जिंदगी के लिए खतरा बनी हुई हैं। चंद रुपयों की मोटी कमाई के चक्कर में बस ड्राइवरों और मालिकों द्वारा सवारियों की जिंदगी से सरेआम खिलवाड़ किए जाने का आरोप है। सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो में यात्री बस की छत पर बैठकर सफर करते दिखाई दे रहे हैं।
यह मामला हापुड़ जिले के पिलखुवा कोतवाली क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले नेशनल हाईवे का बताया जा रहा है। वायरल वीडियो में साफ दिखाई दे रहा है कि एक डग्गामार बस खचाखच भरी हुई है। बस के अंदर यात्रियों के लिए जगह नहीं है और इसके बावजूद दर्जनों यात्री जान जोखिम में डालकर बस की छत पर बैठे हुए हैं।
तेज रफ्तार हाईवे पर बस का ड्राइवर लापरवाही से वाहन दौड़ाता दिखाई दे रहा है। ऐसे में किसी भी समय बड़ा हादसा होने की आशंका बनी हुई है। यात्रियों को इस तरह बस की छत पर बैठाकर सफर कराना उनकी सुरक्षा को गंभीर खतरे में डालता है।
वीडियो सामने आने के बाद स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है। इस मामले को लेकर हापुड़ पुलिस और परिवहन विभाग (RTO) की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल उठ रहे हैं। लोगों का सवाल है कि पुलिस प्रशासन और संबंधित विभाग की निगरानी के बावजूद डग्गामार बसें इस तरह यात्रियों को बैठाकर हाईवे पर कैसे दौड़ रही हैं।
हाईवे पर जगह-जगह पुलिस पिकेट और चेकिंग होने के बावजूद ये बसें धड़ल्ले से ट्रैफिक नियमों को ताक पर रखकर गुजर रही हैं। सवाल यह भी उठ रहा है कि क्या पुलिस प्रशासन किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहा है। मोटी कमाई के चक्कर में डग्गामार बस संचालकों द्वारा ओवरलोडिंग किए जाने और भोले-भाले यात्रियों की जान खतरे में डालने की बात सामने आ रही है।
इस खतरनाक सफर का वीडियो किसी राहगीर ने बनाकर सोशल मीडिया पर अपलोड किया, जिसके बाद यह तेजी से वायरल हो गया। सोशल मीडिया यूजर्स वीडियो को शेयर करते हुए यूपी पुलिस और हापुड़ प्रशासन को टैग कर सख्त से सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। वायरल वीडियो ने हाईवे पर यात्रियों की सुरक्षा और डग्गामार बसों की निगरानी को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।