तस्वीर में रात के समय एक ट्रक के पास वर्दी में वन अधिकारी खड़े हैं।

हापुड़ (उत्तर प्रदेश) में फिल्म ‘पुष्पा’ के डायलॉग और रील लाइफ के अल्लू अर्जुन से प्रभावित होकर पुलिस प्रशासन को चुनौती देने की कोशिश लकड़ी तस्करों पर भारी पड़ गई। गढ़मुक्तेश्वर वन विभाग की टीम ने तस्करी के एक बड़े प्रयास को नाकाम करते हुए प्रतिबंधित लकड़ी से लदे एक संदिग्ध ट्रक को जब्त कर लिया। कार्रवाई के दौरान तस्करों ने वन विभाग की टीम पर रौब झाड़ने और डराने की कोशिश की, साथ ही मौके से भागने का प्रयास भी किया, लेकिन वनकर्मियों ने घेराबंदी कर उन्हें पकड़ लिया।

हापुड़ के डीएफओ गौतम सिंह के कड़े निर्देशों पर वन क्षेत्राधिकारी करन सिंह और उनकी टीम ने रात के अंधेरे में नेशनल हाईवे-9 पर विशेष चेकिंग अभियान चलाया। इसी दौरान टीम ने बिजनौर के चांदपुर से हापुड़ की तरफ जा रहे प्रतिबंधित लकड़ी से लदे एक संदिग्ध ट्रक को रोक लिया।

वन विभाग की टीम के ट्रक रोकते ही तस्करों ने आत्मसमर्पण करने के बजाय फिल्मी अंदाज में अधिकारियों पर रौब झाड़ना और उन्हें डराने की कोशिश की। तस्करों ने मौके से भागने का भी प्रयास किया, लेकिन सतर्क वनकर्मियों ने घेराबंदी कर उनके प्रयास को विफल कर दिया और उन्हें धर दबोचा।

गढ़मुक्तेश्वर सर्किल वन विभाग की यह लगातार तीसरे दिन तीसरी बड़ी कार्रवाई है। लगातार हो रही कार्रवाई से क्षेत्र के लकड़ी माफियाओं में हड़कंप मचा हुआ है।

वन क्षेत्राधिकारी करन सिंह ने बताया कि प्रतिबंधित लकड़ी से लदे ट्रक को सीज कर दिया गया है। वन अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है और पकड़े गए आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जा रही है। तस्करों के पूरे नेटवर्क और इससे जुड़े अन्य लोगों का भी पता लगाया जा रहा है।

कार्रवाई के बाद वन विभाग ने स्पष्ट किया है कि क्षेत्र में किसी भी प्रकार का अवैध कटान या तस्करी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। लगातार तीसरे दिन हुई इस कार्रवाई ने अवैध लकड़ी तस्करी के खिलाफ विभाग की कार्रवाई को और स्पष्ट कर दिया है। वन विभाग की टीम ने जंगल की सुरक्षा को लेकर किसी भी तरह के समझौते से इनकार करते हुए कानून के तहत कार्रवाई जारी रखने का संदेश दिया है।

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