तस्वीर में हापुड़ में यातायात जागरूकता बोर्ड पर लगे चुनावी प्रचार के बैनर और पोस्टर दिख रहे हैं।

हापुड़ शहर में आगामी अग्रवाल महासभा चुनाव को लेकर चुनावी सरगर्मी तेज होने के साथ ही प्रचार के दौरान नियमों की अनदेखी का मामला सामने आया है। चुनाव मैदान में उतरे प्रत्याशियों और उनके समर्थकों पर सार्वजनिक संपत्ति पर प्रचार सामग्री लगाने के आरोप हैं। शहर में सरकारी और यातायात जागरूकता बोर्डों तक को चुनावी पोस्टरों से पाट दिया गया है।

शहर के मुख्य चौराहों और रास्तों पर लगे सरकारी होर्डिंग्स और बैनरों के साथ यातायात जागरूकता (Traffic Awareness) बोर्डों पर भी प्रत्याशियों की प्रचार सामग्री और पोस्टर चिपकाए गए हैं। राहगीरों और वाहन चालकों की सुविधा के लिए लगाए गए दिशा-निर्देश और जागरूकता बोर्डों के ढक जाने से लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

हापुड़ के विभिन्न व्यस्त इलाकों में जगह-जगह प्रत्याशियों के पोस्टर और बैनर नजर आ रहे हैं। स्थानीय निवासियों का कहना है कि चुनाव अपनी जगह है, लेकिन सरकारी और सामाजिक संदेश देने वाले बोर्डों को चुनावी विज्ञापनों से पाटना पूरी तरह गलत है। इससे यातायात नियमों की अनदेखी होने के साथ ही शहर की सुंदरता भी प्रभावित हो रही है।

अब इस मामले में प्रशासन की कार्रवाई पर नजर है। सवाल यह है कि सार्वजनिक और यातायात जागरूकता बोर्डों पर लगाए गए इन पोस्टरों को कब तक हटाया जाता है और नियमों की अनदेखी करने वाले प्रत्याशियों तथा उनके समर्थकों पर क्या कार्रवाई की जाती है।

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