हापुड़: बदनौली हिंसा में एकतरफा कार्रवाई का आरोप, खाप चौधरियों ने SP को सौंपा ज्ञापन
बदनौली गांव में हुई झड़प मामले में ग्रामीणों ने घायलों की FIR दर्ज करने और निर्दोषों के नाम हटाने की मांग की है।
तस्वीर में खाप चौधरी और ग्रामीण हापुड़ के पुलिस अधीक्षक कार्यालय के मुख्य द्वार से बाहर निकलते हुए दिखाई दे रहे हैं।
हापुड़ (उत्तर प्रदेश) में बदनौली गांव में बीते दिनों हुई हिंसक घटना को लेकर मामला एक बार फिर गरमा गया है। घटना में पुलिस पर एकतरफा कार्रवाई करने का गंभीर आरोप लगाते हुए सोमवार को खाप चौधरी और बड़ी संख्या में ग्रामीण हापुड़ के SP कार्यालय पहुंचे। ग्रामीणों और खाप चौधरियों ने अपनी मांगों को लेकर पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपा।
SP कार्यालय पहुंचे खाप चौधरी बाबा परविंदर आर्य ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि 4 तारीख को बदनौली गांव में हुई घटना के दौरान दोनों तरफ से गोलियां चली थीं और दोनों पक्षों की ओर से जमकर पथराव हुआ था। इस हिंसक झड़प में दोनों पक्षों के लोग घायल भी हुए थे। इसके बावजूद पुलिस प्रशासन द्वारा केवल एक पक्ष के खिलाफ एकतरफा कार्रवाई की जा रही है, जिसे उन्होंने अन्यायपूर्ण बताया।
ग्रामीणों और खाप चौधरियों ने मांग की कि घटना के दौरान गोली लगने से घायल हुए जितेंद्र की FIR दर्ज की जाए। उनका कहना है कि जितेंद्र को गोली लगने के बाद काफी समय तक अस्पताल में भर्ती रहना पड़ा, लेकिन इतना समय बीतने के बाद भी पुलिस ने उसकी गोली लगने की रिपोर्ट दर्ज नहीं की है।
ग्रामीणों ने सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो के आधार पर भी कार्रवाई की मांग की। उनका आरोप है कि वीडियो में कुछ लोग जितेंद्र के घर पर पथराव करते और झगड़ा शुरू करते साफ दिखाई दे रहे हैं। ऐसे लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई किए जाने की मांग की गई है।
इसके अलावा ग्रामीणों ने दूसरे पक्ष की ओर से दर्ज कराई गई FIR में शामिल निर्दोष लोगों के नाम हटाने की मांग भी उठाई। ग्रामीणों का आरोप है कि FIR में कई ऐसे लोगों के नाम शामिल कर दिए गए हैं, जो घटना के समय मौके पर मौजूद ही नहीं थे। उन्होंने जांच कर ऐसे निर्दोष ग्रामीणों के नाम तुरंत हटाने की मांग की।
खाप चौधरी बाबा परविंदर आर्य ने कहा कि घटना को 15 दिन से अधिक का समय बीत चुका है, लेकिन पुलिस जांच के नाम पर अब तक कोई नतीजा सामने नहीं आया है। उन्होंने प्रशासन को चेतावनी दी कि यदि उनकी ये जायज मांगें जल्द पूरी नहीं की गईं तो ग्रामीण और खाप पंचायत सामाजिक और कानूनी स्तर पर आगे की बड़ी कार्रवाई के लिए मजबूर होंगे।
बदनौली घटना को लेकर खाप चौधरियों और ग्रामीणों की ओर से SP कार्यालय पहुंचकर ज्ञापन सौंपे जाने के बाद अब उनकी मांगों और पुलिस की कार्रवाई को लेकर मामला एक बार फिर चर्चा में है।