तस्वीर में राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय खेरोदा के कार्यालय कक्ष में विद्यालय विकास समिति की बैठक के दौरान उपस्थित पदाधिकारी, ग्रामीण और शिक्षकगण नजर आ रहे हैं।

राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय खेरोदा में शनिवार, 08 अगस्त 2026 को विद्यालय विकास समिति की बैठक आयोजित हुई। बैठक में विद्यालय भवन की जर्जर स्थिति, मानसून के दौरान होने वाली परेशानियों और परिसर में जलभराव सहित विकास कार्यों को लेकर कई महत्वपूर्ण प्रस्ताव लिए गए।

बैठक की अध्यक्षता पन्ना लाल मारू ने की। इस दौरान प्रधानाचार्य राजेंद्र कुमार सैनी और भिंडर के ब्लॉक शिक्षा अधिकारी रमेश खटीक विशेष रूप से उपस्थित रहे। बैठक की शुरुआत पूर्व बैठक में लिए गए प्रस्तावों को पढ़कर सुनाने के साथ हुई, जिस पर सभी सदस्यों ने सहमति प्रकट की।

बैठक में विद्यालय भवन की जर्जर स्थिति और मानसून के दौरान विद्यार्थियों को होने वाली परेशानियों को प्रमुख मुद्दे के रूप में रखा गया। सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित किया गया कि जिन कक्षों में सीलन और प्लास्टर उखड़ने के कारण दीवारें टूट-फूट गई हैं, उनकी तत्काल रिपेयरिंग करवाई जाए। वहीं, जिन कमरों की छतों से बारिश का पानी टपकता है, वहां नई आरसीसी छत डालने का निर्णय लिया गया, ताकि विद्यार्थियों की पढ़ाई बाधित न हो और विद्यालय भवन सुरक्षित रह सके।

ब्लॉक शिक्षा अधिकारी रमेश खटीक की ओर से जर्जर कमरों से संबंधित प्रस्तावों को विभाग को भेजने की प्रक्रिया भी पूरी की गई। इसके साथ ही विद्यालय परिसर में जलभराव की समस्या से निजात पाने के लिए पक्की नाली के निर्माण का प्रस्ताव भी पारित किया गया।

विद्यालय के विकास के लिए स्थानीय भामाशाहों की ओर से आर्थिक सहयोग प्रदान किया गया। बैठक में उपस्थित सदस्यों ने ‘मेरा गांव मेरा विद्यालय’ भवन निर्माण समिति के नाम को पूर्ण समर्थन दिया। जनसंपर्क के माध्यम से लोगों से आर्थिक सहयोग जुटाने के लिए विशेष सदस्यों की नियुक्ति भी की गई।

बैठक का संचालन दीपक कुकड़ा ने किया। इस अवसर पर सरपंच प्रतिनिधि रवि गर्ग, छगन जाट, सोहनलाल मेनारिया, जिला परिषद सदस्य मनोहर लाल मीणा, लक्ष्मी लाल पूनिया, पूर्व सरपंच दिनेश पटेल, रतन लाल मेनारिया, लालचंद जाट, लक्ष्मण सिंह राठौड़, जगदीश जाट, पत्रकार बुद्धि प्रकाश पाराशर, भगवती लाल मेनारिया सहित विद्यालय विकास समिति के सभी सम्मानित सदस्य, ग्रामीणजन और शिक्षकगण मौजूद रहे।

बैठक में उपस्थित सदस्यों और ग्रामीणों ने विद्यालय के उत्थान के लिए हरसंभव सहयोग देने का संकल्प लिया। विद्यालय भवन की मरम्मत, बारिश से सुरक्षा और जलभराव की समस्या के समाधान को लेकर लिए गए प्रस्तावों से विद्यालय के विकास कार्यों को आगे बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल हुई है।A

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