सावन के दूसरे सोमवार पर सिद्धेश्वर महादेव मंदिर में उमड़ी आस्था, सोम प्रदोष का भी बना संयोग
सावन के दूसरे सोमवार पर खेरवाड़ा के सिद्धेश्वर महादेव मंदिर में विशेष पूजा हुई। सोम प्रदोष के संयोग पर श्रद्धालुओं ने शिव अभिषेक किया।
तस्वीर में खेरवाड़ा के सिद्धेश्वर महादेव मंदिर गर्भगृह के भीतर श्रद्धालु भगवान शिव की पूजा-अर्चना और अभिषेक करते हुए दिखाई दे रहे हैं।
खेरवाड़ा के स्वस्तिक कॉलोनी स्थित सिद्धेश्वर महादेव मंदिर में सावन मास के दूसरे सोमवार पर श्रद्धालुओं ने भगवान शिव की विशेष पूजा-अर्चना की। सोमवार के साथ सोम प्रदोष का संयोग बनने से मंदिर में दिनभर धार्मिक माहौल बना रहा और बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भगवान भोलेनाथ के दर्शन कर पूजा-अर्चना की।
मंदिर के पुजारी कैलाश जोशी ने बताया कि सावन का सोमवार भगवान शिव की आराधना के लिए विशेष महत्व रखता है। वहीं, सोमवार को पड़ने वाले प्रदोष व्रत को सोम प्रदोष कहा जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, इस दिन भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा करने से श्रद्धालुओं को विशेष आध्यात्मिक लाभ प्राप्त होता है।
उन्होंने श्रद्धालुओं को सोम प्रदोष के महत्व की जानकारी देते हुए बताया कि प्रदोष काल भगवान शिव की उपासना के लिए विशेष माना गया है। इस अवसर पर श्रद्धालु भगवान शिव का जलाभिषेक, दुग्धाभिषेक एवं पूजन कर सुख-समृद्धि और परिवार की मंगलकामना करते हैं।
सिद्धेश्वर महादेव मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना के दौरान श्रद्धालुओं ने भगवान शिव का अभिषेक कर बिल्वपत्र, पुष्प एवं अन्य पूजन सामग्री अर्पित की। मंदिर परिसर में भगवान शिव के जयकारों से वातावरण भक्तिमय बना रहा। सावन के दूसरे सोमवार और सोम प्रदोष के संयोग पर हुई विशेष पूजा-अर्चना में श्रद्धालुओं की आस्था और धार्मिक उत्साह दिखाई दिया।