उदयपुर के निम्बार्क महाविद्यालय में आयोजित रामलीला के दौरान मंच पर रावण तपस्या और अन्य प्रसंग का मंचन करते कलाकार.   

उदयपुर में निम्बार्क महाविद्यालय का प्रांगण शनिवार को भगवान श्रीराम के जन्मोत्सव के मंचन के साथ भक्तिमय हो उठा। रामलीला के दूसरे दिन ‘भये प्रगट कृपाला, दीनदयाला’ और ‘जन्म लियो रघुराई अवध में बजे बधाई’ जैसे भजनों के बीच श्रद्धालु झूम उठे। भगवान श्रीराम के प्रकट होने का प्रसंग मंचित होते ही पूरा पंडाल जयकारों से गूंज उठा। श्रद्धालुओं ने पारंपरिक बधाई गीतों पर नृत्य किया और मिठाइयां बांटकर जन्मोत्सव की खुशी मनाई।

10 अक्टूबर को आयोजित रामलीला के दूसरे दिन की शुरुआत रावण तपस्या और पृथ्वी पुकार के मार्मिक प्रसंगों से हुई। इसके बाद भगवान श्रीराम के जन्मोत्सव का मंचन किया गया। प्रभु के जन्म का दृश्य सामने आते ही उपस्थित दर्शक भावविभोर हो उठे। राजा दशरथ के दरबार में बधाइयां बजने लगीं और पूरे परिसर में उत्सव का माहौल बन गया। कलाकारों के सजीव अभिनय ने इस प्रसंग को प्रभावशाली रूप में प्रस्तुत किया और दर्शकों का मन मोह लिया।

श्री रामलीला समिति के महासचिव भंवर लाल शर्मा ने बताया कि वृंदावन के श्री कृष्ण लीला संस्थान के अध्यक्ष वेदप्रकाश भारद्वाज और घनश्याम शर्मा के नेतृत्व में कलाकारों ने अपने अभिनय से दर्शकों को पूरे समय मंचन से जोड़े रखा।

कार्यक्रम के आरंभ में समिति अध्यक्ष धर्मनारायण जोशी ने विशिष्ट अतिथियों का सम्मान किया। सम्मानित अतिथियों में शहर विधायक ताराचन्द जैन, पूर्व उपमहापौर लोकेश द्विवेदी, उद्योगपति व समाजसेवी एस. के. खेतान, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के विभाग संघचालक हेमेंद्र श्रीमाली, समाजसेवी सरदार देवेंद्र पाल सिंह रोजी, समाजसेवी शांतिलाल जैन, समाजसेवी मांगीलाल प्रजापत, समाजसेवी हरमंगल सिंह सलूजा, हितेश भाई राजगौर, सेन समाज के संरक्षक राजेन्द्र सेन तथा ओबीसी महापंचायत के संरक्षक व पूर्व पार्षद दिनेश माली आदि शामिल रहे।

इस अवसर पर अतिथियों ने भगवान लक्ष्मीनारायण जी की आरती की। समिति के हरीश मारवाड़ा, चेतन माली, योवन्तराज माहेश्वरी, राकेश खत्री, मुकेश पंवार, चैनशंकर दशोरा, रमेश पुरोहित, सीताराम पालीवाल, हरिशंकर तिवारी, कृष्णकांत जोशी और निर्मल चौबीसा ने अतिथियों का स्वागत किया।

रामलीला के आगामी प्रसंगों की जानकारी देते हुए संयोजक डॉ. विजय प्रकाश विप्लवी ने बताया कि रविवार को मंचन में महर्षि विश्वामित्र का आगमन, ताड़का और सुबाहु वध तथा अहिल्या उद्धार के पावन प्रसंग प्रस्तुत किए जाएंगे।

आयोजन में प्रवेश को लेकर समन्वयक अशोक बाबेल ने स्पष्ट किया कि शहरवासियों और श्रद्धालुओं के लिए प्रवेश पूरी तरह निःशुल्क है। इसके लिए किसी पास की आवश्यकता नहीं है। सभी श्रद्धालुओं को सादर आमंत्रित किया गया है। वरिष्ठ नागरिकों की सुविधा के लिए सोफे और कुर्सियों की व्यवस्था भी की गई है।

शनिवार को रामलीला देखने के लिए बड़ी संख्या में स्थानीय श्रद्धालु और गणमान्य नागरिक पहुंचे। उन्होंने मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम के बालस्वरूप के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया। राम जन्मोत्सव के मंचन, बधाई गीतों और सामूहिक जयकारों के बीच निम्बार्क महाविद्यालय का परिसर भक्तिमय वातावरण से सराबोर रहा।

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