कोटा: पत्रकार पारस जैन को मुनि योग सागर महाराज का मिला आशीर्वाद
पत्रकार पारस जैन ने 'मेरी भावना' को देश भर के शिक्षण संस्थानों में प्रार्थना के रूप में लागू कराने की पहल को लेकर मुनि योग सागर महाराज से आशीर्वाद लिया।
कोटा में पत्रकार पारस जैन ने मुनि योग सागर महाराज से मुलाकात की।
कोटा (राज.)। पुण्योदय अतिशय क्षेत्र दादाबाड़ी नसिया में संत शिरोमणि आचार्य 108 विद्यासागर जी महाराज के शिष्य परम पूज्य निर्यापक मुनि 108 योग सागर महाराज ससंघ ने राष्ट्र गौरव वर्तमान के श्रवण कुमार एवं कोटा के पत्रकार पारस जैन ‘पार्श्वमणि’ को ‘मेरी भावना’ को संपूर्ण भारतवर्ष की शिक्षण संस्थाओं में लागू कराने और प्रार्थना के रूप में बोलने की पहल के लिए मंगल आशीर्वाद प्रदान किया। मुनि श्री ने प्रसन्नचित मुद्रा में अपना हाथ ‘पार्श्वमणि’ के सिर पर चार बार रखकर उन्हें खूब-खूब मंगल आशीर्वाद दिया।
इस अवसर पर पारस जैन ‘पार्श्वमणि’ ने निर्यापक मुनि योग सागर महाराज को अपने आध्यात्मिक अनुभवों और पत्रकारिता के सफर के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि पहली बार उन्होंने आचार्य श्री के दर्शन मध्यप्रदेश के सागर स्थित भाग्योदय तीर्थ में किए थे। उसी दिन उन्हें आचार्य श्री को आहार देने का सौभाग्य भी प्राप्त हुआ था। उन्होंने यह भी बताया कि आचार्य श्री के ससंघ पावन सानिध्य में सिद्ध चक्र महामंडल विधान सह प्रतिष्ठा चार्य के रूप में करवाया था।
पारस जैन ने मुनि श्री को विगत 35 सालों से पत्रकारिता के क्षेत्र में किए गए कार्यों और कवरेज फाइल के बारे में भी जानकारी दी। जब उन्होंने बताया कि मध्यप्रदेश में कक्षा 8 के हिंदी विषय के अंतर्गत ‘मेरी भावना’ को प्रथम नंबर पर रखा गया है, तो मुनि श्री अत्यंत प्रसन्न हुए।
‘मेरी भावना’ को देशभर की शिक्षण संस्थाओं में प्रार्थना के रूप में शुरू कराने की भावना के साथ पारस जैन ‘पार्श्वमणि’ ने आचार्य श्री के जीवन पर एक कविता सुनाने की इच्छा भी व्यक्त की। इस पहल का उद्देश्य ‘मेरी भावना’ को व्यापक स्तर पर शिक्षण संस्थाओं से जोड़ना है।
इस अवसर पर मुख्य संयोजक हुकम काका, अध्यक्ष जम्बू जैन सर्राफ, महामंत्री महेंद्र कासलीवाल, सुमित जैन सेंकी, मनोज बागड़ा, विमल चंद जैन और कमलेश जैन दरा वाले उपस्थित थे।